Rajasthan News: भरतपुर के ऐतिहासिक मोती महल में झंडा विवाद ने देर रात नया मोड़ ले लिया. 21 सितंबर को जाट समाज ने रियासतकालीन झंडा लगाने का ऐलान किया था, लेकिन विश्वेंद्र सिंह की अपील और प्रशासन द्वारा तिरंगा लगाने के बाद फैसला बदल दिया गया. पूरे दिन माहौल शांत रहा और शाम होते-होते पुलिस बल भी हटा लिया गया.

लेकिन देर रात कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर लाइव करते हुए महल के पीछे स्थित सदर गेट को कार से तोड़ दिया और करीब 50 मीटर अंदर तक घुस गए. उनके हाथ में रियासतकालीन झंडा था, हालांकि झंडा फहराया नहीं गया. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया.
पुलिस की जांच
एडिशनल एसपी सतीश कुमार यादव ने बताया कि तीन लोग कार से गेट तोड़कर अंदर घुसे थे. यह मामला मूल रूप से राजपरिवार के झंडे के विवाद से जुड़ा है, लेकिन असामाजिक तत्वों ने इसे बढ़ाने की कोशिश की. फायरिंग की अफवाह भी फैली, लेकिन जांच में ऐसा कुछ सामने नहीं आया. गार्डों के पहुंचते ही आरोपी मौके से भाग निकले. एफएसएल टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं और पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है. फिलहाल तीनों आरोपियों की तलाश जारी है.
अनिरुद्ध सिंह ने दर्ज कराया केस
घटना के वक्त अनिरुद्ध सिंह महल के अंदर मौजूद थे. इसके बाद वे मथुरा गेट थाने पहुंचे और केस दर्ज कराया. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मोती महल के आसपास पुलिस बल फिर से तैनात कर दिया गया है.
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