Rajasthan News: राजस्थान में रविवार को हुई LDC भर्ती परीक्षा के बाद जैसलमेर के एक परीक्षा केंद्र को लेकर विवाद शुरू हो गया है। कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा के दौरान एक प्रश्नपत्र परीक्षा कक्ष से बाहर ले जाया गया। इस घटना के बाद भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने फिलहाल पेपर लीक से इनकार किया है और पूरे मामले की रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) को भेज दी गई है।

सोमवार को इस मुद्दे पर छात्र संगठन सड़क पर उतर आए। NSUI से जुड़े छात्र नेताओं ने प्रदर्शन कर मामले की SOG से जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि परीक्षा ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका यह भी कहना है कि लाखों युवाओं का भविष्य इस भर्ती से जुड़ा है, इसलिए किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

जैसलमेर के इस परीक्षा केंद्र से शुरू हुआ विवाद

यह मामला जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र का है। यहां LDC भर्ती परीक्षा दो पारियों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान रूम नंबर-10 में बैठे कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर मौजूद एक रिलीवर ने एक अभ्यर्थी का प्रश्नपत्र कुछ समय के लिए बाहर ले जाकर उसकी मदद करने की कोशिश की।

शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया। संबंधित अभ्यर्थियों के बयान लिए गए और परीक्षा केंद्र के CCTV फुटेज भी देखे गए। साथ ही जिस अभ्यर्थी को लेकर शिकायत थी, उसकी OMR शीट और प्रश्नपत्र को अलग सुरक्षित रखा गया।

प्रशासन बोला, पेपर लीक जैसी बात सामने नहीं आई

अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम सैनी ने कहा कि अब तक की जांच में पेपर लीक जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। उनके मुताबिक शिकायत नकल या किसी अभ्यर्थी की मदद किए जाने से जुड़ी थी। मामले की पूरी रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी गई है और आगे का फैसला बोर्ड ही करेगा।

केंद्र अधीक्षक ने भी आरोपों से किया इनकार

परीक्षा केंद्र के अधीक्षक और स्कूल प्राचार्य उम्मेद सिंह राठौड़ ने कहा कि अभ्यर्थियों की आपत्ति के बाद पूरे मामले की जांच की गई। जिस अभ्यर्थी को लेकर शिकायत थी, उसकी OMR शीट और प्रश्नपत्र की जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली। उन्होंने बताया कि शिकायतों को रिकॉर्ड में शामिल कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, जिस रिलीवर पर आरोप लगाए गए हैं, उनका नाम पदम सिंह है। उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।

अब बोर्ड करेगा फैसला

जिला प्रशासन ने साफ किया है कि अभ्यर्थियों की शिकायत, सतर्कता दल की रिपोर्ट और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर तथ्यात्मक रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी गई है। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई और अंतिम फैसला बोर्ड स्तर पर होगा।

सियासत भी तेज

मामले को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता पर उठे सवाल गंभीर हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सरकार से पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

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