Rajasthan Nikay Chunav 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को जयपुर में अपना चुनावी घोषणा पत्र नगरीय विकास संकल्प पत्र जारी किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और घोषणा पत्र समिति के संयोजक घनश्याम तिवाड़ी की मौजूदगी में जारी इस संकल्प पत्र में प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के विकास का खाका रखा गया है।

BJP ने अगले पांच साल में एक लाख आवासीय प्लॉट, 7 लाख से अधिक PNG कनेक्शन, 2 हजार पिंक टॉयलेट, 15 लाख स्ट्रीट लाइट, 3 हजार किलोमीटर पुरानी सीवर लाइन की मरम्मत और विस्तार सहित कई योजनाओं का वादा किया है। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह केवल घोषणा पत्र नहीं बल्कि सरकार का संकल्प है। घोषणा पत्र जारी करने के दौरान राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, सांसद मंजू शर्मा, जयपुर नगर निगम ग्रेटर की पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर सहित संगठन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

आम लोगों के लिए BJP के बड़े वादे

BJP के ‘नगरीय विकास संकल्प पत्र’ में शहरी आबादी से जुड़ी कई बुनियादी सुविधाओं पर फोकस किया गया है। पार्टी ने अलग-अलग आय वर्गों के लिए अगले पांच वर्षों में एक लाख आवासीय प्लॉट आवंटित करने की कार्यवाही का वादा किया है। शहरी क्षेत्रों में 7 लाख से अधिक घरों में PNG कनेक्शन उपलब्ध कराने की बात कही गई है। महिलाओं की सुविधा के लिए सभी शहरी क्षेत्रों में 2 हजार पिंक टॉयलेट बनाने का प्रस्ताव है।

हर निकाय के नए और बाहरी रिहायशी इलाकों में 15 लाख स्ट्रीट लाइटें लगाने की बात संकल्प पत्र में कही गई है। वहीं सभी निकाय क्षेत्रों के प्रत्येक वार्ड तक LED लाइट की व्यवस्था करने का भी वादा किया गया है।

रेहड़ी-पटरी वालों के लिए वेंडिंग जोन

BJP ने स्ट्रीट वेंडर्स, CNG ऑटो चालकों और टैक्सी चालकों के लिए भी घोषणा की है। प्रत्येक निकाय में पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स, CNG ऑटो चालकों और टैक्सी चालकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा कवर देने की कार्यवाही की जाएगी।

रेहड़ी-पटरी वालों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस अलग वेंडिंग जोन निर्धारित किए जाएंगे। प्रत्येक निकाय क्षेत्र में जरूरत के अनुसार पार्किंग स्थल विकसित करने का भी वादा किया गया है। नगर निगम और नगर परिषदों में लोगों को साफ-सुथरा और पौष्टिक खाना उपलब्ध कराने के लिए फूड कोर्ट स्थापित करने की कार्यवाही की जाएगी।

कचरा और सीवरेज व्यवस्था पर जोर

BJP ने शहरों को कचरा मुक्त बनाने के लिए प्रत्येक निकाय की डंपिंग साइट पर वर्षों से जमा पुराने कचरे का 100 प्रतिशत वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने की बात कही है। घर-घर कचरा उठाने वाली सभी गाड़ियों पर व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लगाने की कार्यवाही होगी। अगले पांच वर्षों में 3 हजार किलोमीटर पुरानी सीवर लाइन की मरम्मत और परिवर्धन किया जाएगा।

सीवरेज और मैनहोल की सफाई के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए शहरी निकायों को चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक 3-इन-1 सफाई मशीनें और डिजिटल गैस डिटेक्टर उपकरण उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।

ट्रैफिक से लेकर सड़क तक ये वादे

शहरों में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या से निपटने के लिए नीति बनाने की बात कही गई है। इसमें सिग्नललेस व्यवस्था, अंडरपास, ब्रिज और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मल्टीस्टोरी या सामूहिक पार्किंग जैसे इंतजाम शामिल होंगे। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में हाईटेंशन बिजली लाइनों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत करने की कार्यवाही होगी। बड़े जिलों और संभाग मुख्यालयों में रिंग रोड परियोजनाएं लाने की बात कही गई है।

सड़कों और सीवर लाइनों की जांच CCTV सर्वे के जरिए की जाएगी। खराब सड़कों और सीवर लाइनों को बिना सड़क खोदे ट्रेंचलेस तकनीक से बदलने की कार्यवाही की जाएगी।

AI से जुड़े होंगे अभय कमांड सेंटर

सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए सभी अभय कमांड सेंटर्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तकनीक से जोड़ने की कार्यवाही की जाएगी। प्रत्येक निकाय में सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और निगरानी के लिए CCTV कैमरों की व्यवस्था की जाएगी। प्रमुख मार्गों का विकास और चौराहों का सौंदर्यकरण भी संकल्प पत्र का हिस्सा है। सभी नगर निगम क्षेत्रों में ई-बसों के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था शुरू करने का वादा किया गया है। इसमें महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों का विशेष ध्यान रखने की बात कही गई है। ई-बिड के माध्यम से होर्डिंग और यूनिपोल की तर्ज पर EV चार्जर पॉइंट्स बनाने की भी योजना है।

शहरों को क्लीन और ग्रीन बनाने का प्लान

BJP ने प्रत्येक निकाय में नगर वन और लवकुश वाटिकाएं विकसित करने का वादा किया है। पार्कों में ओपन जिम और जरूरत के अनुसार योग शिक्षक की व्यवस्था की जाएगी। प्रातः भ्रमण के लिए ट्रैक बनाए जाएंगे। नगर निगम और नगर परिषद मुख्यालयों पर जन सहयोग से वृक्षारोपण कर ग्रीन बेल्ट और ग्रीन एरिया विकसित करने की बात कही गई है।

शहरी निकायों के प्रमुख पार्कों और उन स्थानों पर जहां पानी जमा होता है, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य वर्षा जल का संग्रहण और भूजल स्तर बढ़ाना है।

युवाओं के लिए ई-लाइब्रेरी और रोजगार मेले

युवाओं के लिए जरूरत के आधार पर ई-लाइब्रेरी की व्यवस्था और रोजगार मेलों के आयोजन का वादा किया गया है। युवाओं को नगर प्रशासन से जोड़ने के लिए नगर निगमों में इंटर्नशिप की व्यवस्था लागू करने की बात कही गई है। सफाई कर्मियों और अन्य पदों पर योजनाबद्ध तरीके से भर्ती सुनिश्चित करने का भी संकल्प पत्र में उल्लेख है।

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी घोषणाएं

प्राथमिक और सामुदायिक चिकित्सा केंद्रों को आधुनिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित करने की बात कही गई है।जिलों के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिटी यूनिट्स बनाई जाएंगी। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी को प्रत्येक निकाय में लागू कर SC/ST, पात्र OBC और EWS वर्गों को लाभ पहुंचाने का वादा किया गया है। घरों की छतों पर PM सूर्यघर योजना के तहत सोलर प्लांट लगवाने की कार्यवाही की जाएगी।

भूमि रिकॉर्ड और भवन नक्शे की प्रक्रिया होगी आसान

‘NAKSHA’ योजना के तहत भरोसेमंद और कानूनी रूप से प्रमाणित भूमि रिकॉर्ड तैयार करने की बात कही गई है। परिधीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे। भवन निर्माण के नक्शों की फाइलों का ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए एक सप्ताह में निस्तारण करने और अनुमति व लाइसेंस प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने का वादा किया गया है।

जिन निकायों की सीमाओं का विस्तार हुआ है, वहां प्राथमिकता से आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नए शामिल हुए गांवों में सीवरेज, पानी, सफाई, कचरा संग्रहण और निस्तारण, सड़क, रोड लाइट और बिजली की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।

ई-बसे से लेकर 24 घंटे बिजली तक

प्रभावित निकायों में पेयजल आपूर्ति में सुधार और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 24 घंटे बिजली आपूर्ति की बात कही गई है। मुख्य सड़कों और चौराहों को ट्रैफिक लाइट फ्री बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। जलभराव से प्रभावित निकायों और क्षेत्रों की समस्या का समाधान करने का भी वादा है। अत्यधिक यातायात प्रभावित निकायों और क्षेत्रों में रात्रिकालीन सफाई की व्यवस्था की जाएगी।

प्रदूषण और डिस्टर्ब एरिया एक्ट

NCAP और NCR के अंतर्गत आने वाले शहरों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए स्मॉग टावर और एंटी-स्मॉग गन उपलब्ध कराने की बात कही गई है। औद्योगिक क्षेत्रों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ उद्योगों के संचालन संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। चुनिंदा शहरों में आवश्यकता के अनुसार डिस्टर्ब एरिया एक्ट लागू करने की कार्यवाही की जाएगी।

धार्मिक और विरासत स्थलों का विकास

शहरों में हवेलियों और अन्य हेरिटेज स्थलों के संरक्षण की बात कही गई है। पार्क, तालाब, प्रसिद्ध धार्मिक स्थल, पर्यटन स्थल और मोक्षधामों का विकास किया जाएगा। धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत के संरक्षण के लिए विकास कार्य करवाने का भी वादा है। निकायों की विशेष जरूरत के अनुसार पर्वत, झील और आदिवासी क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्य भी किए जाएंगे।

20 साल की योजना पर जोर

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शहरी विकास के काम टुकड़ों में नहीं बल्कि अगले 10 से 20 साल की दीर्घकालिक योजना के तहत किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पानी की पाइपलाइन भी अगले 10 साल की जरूरत को ध्यान में रखकर बिछाई जाएगी।

उन्होंने बड़े जिलों और संभाग मुख्यालयों में रिंग रोड परियोजनाएं लाने की बात कही। पर्यटन और धार्मिक स्थलों के संरक्षण पर भी जोर दिया। सीएम ने बताया कि शहरी विकास में कमी न रहे, इसके लिए सरकार ने हर विधायक को 28-28 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध कराया है।

CM भजनलाल का दावा, 32 महीने में 78 प्रतिशत वादे पूरे

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 32 महीनों में 78 प्रतिशत चुनावी वादे पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि यह घोषणा पत्र केवल राजनीतिक वादों का दस्तावेज नहीं बल्कि सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने वन स्टेट वन इलेक्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार निकाय और पंचायत चुनावों को ढाई-ढाई साल तक खींचती थी, जिससे बार-बार आचार संहिता लगती थी और राज्य के राजस्व तथा समय की बर्बादी होती थी।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि बार-बार होने वाली इस फिजूलखर्ची को रोकने के लिए ही वन स्टेट वन इलेक्शन का नारा दिया गया और इसे धरातल पर लागू किया गया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो काम कांग्रेस सरकार पांच साल में करती थी, उसे भजनलाल सरकार ने 32 महीने यानी ढाई साल में कर दिखाया है।

राजस्थान में अब नगरीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक मुकाबला तेज हो गया है। BJP के इस संकल्प पत्र में बुनियादी सुविधाओं, ट्रैफिक, सफाई, रोजगार, आवास, स्वास्थ्य, पर्यावरण और शहरी सुरक्षा को प्रमुख मुद्दों के तौर पर सामने रखा गया है।

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