Rajasthan Nikay Chunav 2026 के दूसरे चरण में शुक्रवार को होने वाला मतदान कांग्रेस के 30 से ज्यादा बड़े नेताओं के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। जयपुर, अजमेर, कोटा, पाली, उदयपुर और जोधपुर नगर निगम के साथ 20 नगर परिषद और 121 नगर पालिकाओं में वोट डाले जाएंगे। इस चरण में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत कांग्रेस के 22 विधायक, तीन सांसद और सात पूर्व मंत्रियों की राजनीतिक साख दांव पर है।

यह चुनाव इसलिए भी अहम है क्योंकि करीब ढाई साल बाद प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। निकाय चुनाव के नतीजों को जनता के मौजूदा मूड के संकेत के तौर पर देखा जाएगा। कांग्रेस के सामने इन चुनावों में बढ़त हासिल करने का मौका है, लेकिन इसके साथ पार्टी के कई बड़े नेताओं की व्यक्तिगत परीक्षा भी हो रही है।
टिकट बांटने में नेताओं की चली, अब नतीजों की जिम्मेदारी भी
निकाय चुनाव में प्रत्याशी चयन के दौरान कांग्रेस ने कई विधायकों, सांसदों और पूर्व मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्रों में काफी हद तक फ्री हैंड दिया। जिन क्षेत्रों में पार्टी के विधायक या सांसद हैं, वहां उम्मीदवारों के चयन में उनकी राय को खास तवज्जो मिली। यही वजह है कि अब चुनावी नतीजों का सीधा असर इन नेताओं की साख पर पड़ सकता है। अगर उनके क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी जीतते हैं तो उनके फैसलों को मजबूती मिलेगी। वहीं खराब प्रदर्शन होने पर टिकट चयन और स्थानीय संगठन को लेकर सवाल भी उठ सकते हैं।
गहलोत, पायलट और डोटासरा के गढ़ में भी मुकाबला
दूसरे चरण में कई ऐसे निकाय हैं जो कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की राजनीति से सीधे जुड़े हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर नगर निगम का चुनाव इसी चरण में है। पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट के विधानसभा क्षेत्र टोंक नगर परिषद में भी इसी चरण में मतदान होगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के गृह जिले सीकर नगर परिषद का चुनाव भी शुक्रवार को होगा। इसके अलावा सांसद कुलदीप इंदौरा के निर्वाचन क्षेत्र हनुमानगढ़, सांसद मुरारी लाल मीणा के निर्वाचन क्षेत्र दौसा और सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल के निर्वाचन क्षेत्र के तहत आने वाली बालोतरा नगर परिषद के नतीजे भी इन नेताओं के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
इन नगर निगमों में बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर
- जोधपुर: अशोक गहलोत
- अजमेर: राजकुमार जयपाल, धर्मेंद्र राठौड़
- कोटा: शांति धारीवाल, प्रहलाद गुंजल
- जयपुर: प्रताप सिंह खाचरियावास, रफीक खान, आमिर कागजी
- पाली: भीमराज भाटी
22 विधायकों के क्षेत्रों में भी परीक्षा
दूसरे चरण में कई कांग्रेस विधायकों के क्षेत्र सीधे चुनावी कसौटी पर हैं। इनमें टोंक से सचिन पायलट, सीकर से राजेंद्र पारीक और गोविंद सिंह डोटासरा, अटरू से प्रमोद जैन भाया, हिंडोली से अशोक चांदना और तारानगर से नरेंद्र बुडानिया शामिल हैं। श्रीकरणपुर से रुपिंदर सिंह कुन्नर, दौसा से मुरारी लाल मीणा और डीसी बैरवा, गंगापुर सिटी से रामकेश मीणा, पाली से भीमराज भाटी और किशनगढ़ से विकास चौधरी के क्षेत्रों के नतीजे भी महत्वपूर्ण होंगे। इसके अलावा हनुमानगढ़ से कुलदीप इंदौरा और अभिमन्यु पूनिया, सूरजगढ़ से श्रवण कुमार, मुंडावर से ललित यादव, धोरीमन्ना से हरीश चौधरी, कुशलगढ़ से रमिला खड़िया, टोडाभीम से घनश्याम मेहर, बसेड़ी से संजय जाटव, बामनवास से इंदिरा मीणा और नोखा से सुशीला डूडी की साख भी चुनाव परिणाम से जुड़ी है।
सात पूर्व मंत्रियों के लिए भी अहम नतीजे
कांग्रेस के सात पूर्व मंत्रियों के क्षेत्रों में होने वाले निकाय चुनाव भी उनके राजनीतिक प्रभाव का पैमाना बन सकते हैं। इनमें गुलाबपुरा से रामलाल जाट, खाजूवाला से गोविंद राम मेघवाल, पोकरण से सालेह मोहम्मद, डीग से विश्वेंद्र सिंह, सलूंबर से रघुवीर मीणा, पुष्कर से नसीम अख्तर इंसाफ और निंबाहेड़ा से उदयलाल आंजना शामिल हैं।
कांग्रेस के सामने मौका, लेकिन चुनौती भी बड़ी
राजनीतिक विश्लेषक योगेश शर्मा के मुताबिक, निकाय चुनाव कांग्रेस के कई नेताओं के राजनीतिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस के पास इस बार बढ़त लेने का मौका है। उनके मुताबिक भाजपा के पारंपरिक सवर्ण वोट बैंक में यूजीसी जैसे मुद्दों को लेकर नाराजगी है और कई जगह भाजपा नेताओं को विरोध का सामना भी करना पड़ा है। युवा वर्ग में पेपर लीक समेत अन्य मुद्दों को लेकर भी नाराजगी बताई जा रही है। हालांकि इस आकलन को वोट में बदलना कांग्रेस के लिए चुनौती होगी। निकाय चुनाव स्थानीय समीकरणों पर भी काफी निर्भर करते हैं। इसलिए बड़े नेताओं की पकड़ के साथ स्थानीय प्रत्याशी और संगठन का प्रदर्शन भी निर्णायक रहेगा।
60 फीसदी टिकट युवाओं को देने का दावा
कांग्रेस का दावा है कि निकाय चुनाव में करीब 60 फीसदी टिकट युवा वर्ग को दिए गए हैं। पार्टी प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी का कहना है कि दूसरे चरण में भी ज्यादातर निकायों में कांग्रेस के बोर्ड बनेंगे। उनके मुताबिक, प्रत्याशियों का चयन ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर किया गया और जिताऊ उम्मीदवारों को टिकट दिए गए। पार्टी के विधायकों, सांसदों और बड़े नेताओं ने एकजुट होकर प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार किया है। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि जनता में भजनलाल सरकार के शासन को लेकर नाराजगी है और इसका फायदा पार्टी को चुनाव में मिलेगा।
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