Rajasthan Nikay Chunav 2026: गंगापुर नगर पालिका में अध्यक्ष पद का चुनाव कांग्रेस के लिए नई चुनौती बन गया है। 25 वार्ड वाली पालिका में कांग्रेस के 14 पार्षद हैं, लेकिन अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले पार्टी के भीतर की खींचतान खुलकर सामने आ गई है।
कांग्रेस ने वार्ड 23 से नवनिर्वाचित पार्षद और भीलवाड़ा शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष रेखा हिरण को पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय नामांकन दाखिल करने और नाम वापस नहीं लेने के मामले में पद से बर्खास्त कर दिया है। राजस्थान महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।

14 पार्षदों के बहुमत के बावजूद बढ़ी मुश्किल
गंगापुर नगर पालिका के 25 वार्डों में कांग्रेस ने 14 सीटें जीती हैं। भाजपा को 9 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 2 सीटें मिली हैं। बहुमत के लिए 13 पार्षदों की जरूरत है, इसलिए कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत है।
कांग्रेस ने अध्यक्ष पद के लिए प्रीति काकाणी को अधिकृत प्रत्याशी बनाया। इसके बाद रेखा हिरण ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया। नाम वापसी की समय सीमा खत्म होने के बाद भी उन्होंने नामांकन वापस नहीं लिया। इसके बाद प्रदेश संगठन ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
अब प्रीति काकाणी, विंकल सिंघवी और रेखा हिरण आमने-सामने
नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गंगापुर नगर पालिका अध्यक्ष पद की तस्वीर साफ हो गई है। कांग्रेस की ओर से प्रीति काकाणी, भाजपा की ओर से विंकल सिंघवी और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में रेखा हिरण मैदान में हैं। ऐसे में अध्यक्ष पद का चुनाव त्रिकोणीय हो गया है।
यह स्थिति कांग्रेस के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उसके पास 14 पार्षदों का बहुमत है, लेकिन पार्टी की ही एक पार्षद के निर्दलीय मैदान में रहने से मतदान के समय राजनीतिक समीकरण पर सबकी नजर रहेगी।
रेखा हिरण ने पार्टी नेतृत्व पर उठाए सवाल
पार्टी कार्रवाई से पहले रेखा हिरण ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए काम किया, लेकिन उन्हें टिकट हासिल करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने अध्यक्ष पद को लेकर पार्टी के फैसले पर भी सवाल उठाए।
रेखा हिरण ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा था कि जब उन्हें अध्यक्ष पद की उम्मीद थी, तब पद आरक्षित कर दिया गया। उन्होंने पार्टी के भीतर पुराने विवादों का भी जिक्र किया था। ये बातें उनकी ओर से सोशल मीडिया पर व्यक्त की गईं।
कांग्रेस के सामने पार्षदों को एकजुट रखने की चुनौती
गंगापुर में कांग्रेस की स्थिति संख्या के लिहाज से मजबूत है, लेकिन अध्यक्ष पद के लिए सामने आया यह विवाद अब पार्टी के भीतर एकजुटता की परीक्षा बन गया है। नामांकन के बाद रेखा हिरण के प्रस्तावक के कांग्रेस खेमे में लौटने की खबर भी सामने आई थी, जिससे स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की चर्चा शुरू हुई।
अध्यक्ष पद का चुनाव अब इसी सियासी खींचतान के बीच होना है। कांग्रेस के पास बहुमत होने के बावजूद पार्टी नेतृत्व की नजर अपने पार्षदों को एकजुट रखने पर रहेगी। वहीं भाजपा और निर्दलीय खेमे के लिए यह चुनाव कांग्रेस के भीतर बने समीकरणों पर निर्भर करेगा।
गंगापुर के नतीजों ने पहले ही दिया था संकेत
14 सितंबर को आए गंगापुर नगर पालिका के चुनाव परिणाम में कांग्रेस ने लगातार तीसरी बार बढ़त बनाई। कांग्रेस के 14, भाजपा के 9 और निर्दलीय के 2 पार्षद चुने गए। अब अध्यक्ष पद का चुनाव इसी संख्या बल और बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के बीच होना है।
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