Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 से पहले जयपुर के वार्ड नंबर 111 में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस प्रत्याशी ज्वाला प्रसाद का नामांकन जांच के बाद खारिज कर दिया गया है।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह फैसला उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक प्रकरण में 5 साल से ज्यादा की सजा वाली धारा में आरोप तय होने के आधार पर लिया है। मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। नामांकन निरस्त होने के बाद ज्वाला प्रसाद अब वार्ड 111 के चुनाव में प्रत्याशी नहीं रहेंगे।

आपराधिक मामले में आरोप तय होने के चलते कार्रवाई

जानकारी के अनुसार ज्वाला प्रसाद के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले में सक्षम अदालत अपराध का संज्ञान ले चुकी है। मामले में 5 साल से ज्यादा की सजा वाली धारा के तहत आरोप भी तय हो चुके हैं। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान इसी आधार को उनकी चुनावी पात्रता से जोड़कर देखा गया। जांच के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया।

फिलहाल संबंधित आपराधिक मामला अदालत में विचाराधीन है। इसलिए नामांकन खारिज होने की कार्रवाई का आधार चुनावी नियमों के तहत पात्रता से जुड़ा है, न कि मामले में अंतिम दोषसिद्धि से।

कांग्रेस ने सोमवार को जारी की थी जयपुर के उम्मीदवारों की सूची

जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए कांग्रेस ने सोमवार को 150 वार्डों के प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। सूची जारी होने के बाद वार्डों में उम्मीदवारों को लेकर स्थिति साफ हुई थी। अब वार्ड 111 से ज्वाला प्रसाद का नामांकन खारिज होने के बाद यहां चुनावी समीकरण फिर चर्चा में आ गया है।

टिकट बंटवारे में परिवारों को भी मिली जगह

कांग्रेस की प्रत्याशी सूची में नेताओं के परिवारों से जुड़े चेहरों को भी जगह मिली है। कई वार्डों में पार्टी ने कांग्रेस नेताओं के परिवारों से जुड़े लोगों को टिकट दिया है। कुछ वार्डों में पुराने समीकरणों के तहत पति की जगह पत्नी को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र में पार्टी ने नए चेहरों पर भी भरोसा जताया है।

टिकट वितरण को लेकर पहले भी हुआ था विरोध

कांग्रेस की प्रत्याशी सूची जारी होने से पहले पार्टी के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर विरोध भी सामने आया था। कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा के घर का घेराव कर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन का नेतृत्व महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष मंजूलता मीणा ने किया था। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि पार्टी में बाहरी लोगों और करीबी लोगों को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है।

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