Rajasthan Politics BJP Congress Alliance: राष्ट्रीय राजनीति में एक-दूसरे की धुर विरोधी बीजेपी और कांग्रेस का गठबंधन सुनने में भले ही अटपटा लगे, लेकिन राजस्थान के डूंगरपुर में करीब छह साल पहले ऐसा प्रयोग हुआ था। 2020 के जिला प्रमुख चुनाव में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला। भारतीय ट्राइबल पार्टी यानी BTP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन उसे सत्ता से दूर रखने के लिए बीजेपी और कांग्रेस साथ आ गए। दोनों दलों के समर्थन से सूर्या अहारी जिला प्रमुख बने और BTP का प्रत्याशी एक वोट से चुनाव हार गया।

जिला प्रमुख चुनाव में BTP सबसे बड़ी पार्टी बनी
साल 2020 में डूंगरपुर जिला प्रमुख के चुनाव में कुल 27 सीटों पर मुकाबला हुआ था। नतीजों में BTP ने सबसे ज्यादा 13 सीटें जीतीं। बीजेपी को 8 और कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं। किसी भी दल के पास बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा नहीं था। ऐसे में जिला प्रमुख के चुनाव को लेकर जोड़-तोड़ की संभावनाएं बढ़ गई थीं। BTP के पास सबसे ज्यादा सदस्य होने के बावजूद बीजेपी और कांग्रेस के बीच हुई रणनीतिक सहमति ने पूरा समीकरण बदल दिया।
कांग्रेस के समर्थन से बीजेपी समर्थित सूर्या अहारी जीते
चुनाव में बीजेपी समर्थित प्रत्याशी सूर्या अहारी को कांग्रेस के सभी छह सदस्यों का समर्थन मिला। इस तरह बीजेपी और कांग्रेस के वोट एक साथ आए और BTP का प्रत्याशी मुकाबले में पिछड़ गया। नतीजा बेहद करीबी रहा। BTP का प्रत्याशी सिर्फ एक वोट से चुनाव हार गया। इस तरह सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद BTP जिला प्रमुख का पद हासिल नहीं कर सकी।
यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना गया क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे के प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं। इसके बावजूद डूंगरपुर में स्थानीय राजनीतिक समीकरणों ने दोनों दलों को एक मंच पर ला दिया।
BTP से आगे चलकर बनी BAP
डूंगरपुर के इस चुनाव के कुछ वर्षों बाद BTP के सदस्यों ने एक नई पार्टी BAP यानी भारत आदिवासी पार्टी का गठन किया। दक्षिण राजस्थान में आदिवासी राजनीति के विस्तार के साथ BAP का प्रभाव भी चर्चा में आया। 2020 के चुनाव के समय हालांकि BTP ही आदिवासी राजनीति में प्रमुख ताकत के तौर पर मौजूद थी।
BTP को रोकने के लिए साथ आए थे दोनों दल
दक्षिण राजस्थान की राजनीति में आदिवासी मतदाताओं और संगठनों की भूमिका अहम रही है। इसी क्षेत्र में संघ और आदिवासी परिवार के बीच वैचारिक मुकाबले की बात भी सामने आती रही है। 2020 के डूंगरपुर जिला प्रमुख चुनाव में BTP के पास सबसे ज्यादा सदस्य थे। ऐसे में उसे जिला प्रमुख की कुर्सी तक पहुंचने से रोकना बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक चुनौती थी। इसी समीकरण में कांग्रेस का समर्थन निर्णायक साबित हुआ।
यही वजह है कि डूंगरपुर का 2020 जिला प्रमुख चुनाव राजस्थान की राजनीति में एक ऐसे उदाहरण के तौर पर देखा जाता है, जहां वैचारिक विरोधी माने जाने वाले बीजेपी और कांग्रेस ने स्थानीय राजनीतिक समीकरण के तहत एक साथ आकर तीसरी ताकत को सत्ता से बाहर कर दिया।
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