Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा के तीसरे सत्र में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान हंगामा देखने को मिला। उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने अडाणी की कंपनी से बिजली कंपनियों को महंगे दामों पर कोयला सप्लाई करने को लेकर सत्ता पक्ष से सवाल पूछा और पूरे मामले की जांच की मांग की, जिसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। इसके साथ ही, परबतसर पंचायत समिति के विकास अधिकारी के पांच बार तबादले पर भी सवाल उठाए गए, जिस पर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा।

महंगे कोयले की सप्लाई पर हंगामा
रामकेश मीणा ने कहा, “भाजपा सरकार ने कोल ब्लॉक अडाणी की कंपनी को दिए, और अब उनकी कंपनी से महंगे दामों पर कोयला सप्लाई हो रहा है। क्या इस मामले की जांच की जाएगी?” इस पर मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि कई बार जांच हो चुकी है, और उसकी कॉपी मुहैया करवा दी जाएगी। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूछा कि क्या जांच अभी भी जारी रहेगी, तो स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि जांच करवाई जाएगी। इसके बाद विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे, और स्पीकर ने उन्हें शांत करवाया।
सदन में अडाणी का नाम लेने पर आपत्ति
रामकेश मीणा ने अडाणी का नाम लेते हुए महंगी कोयला खरीद और उसकी गुणवत्ता की जांच की मांग की, जिस पर स्पीकर ने कहा कि जो व्यक्ति सदन का सदस्य नहीं है, उनका नाम नहीं लिया जाना चाहिए। इस पर मीणा ने कहा कि यह सब रिकॉर्ड में दर्ज है।
विकास अधिकारी के बार-बार तबादले पर सवाल
कांग्रेस विधायक रामनिवास गावड़िया ने परबतसर पंचायत समिति के विकास अधिकारी के बार-बार तबादले को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “परबतसर पंचायत समिति में 7 करोड़ का बजट आवंटित है, लेकिन विकास अधिकारी का पांच बार तबादला और एपीओ किया गया। इस पर सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए।” मंत्री मदन दिलावर ने जवाब दिया, और नेता प्रतिपक्ष ने इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग की। इस पर भी विपक्ष ने हंगामा किया।
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