Rajasthan Politics: राजस्थान की सियासत में सोमवार को उस वक्त भूचाल आ गया, जब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का अधिकारियों को खुलेआम धमकाने वाला बयान सामने आया। जोधपुर के बापीनी में आयोजित एक जनसुनवाई के दौरान मंत्री जी का पारा इतना हाई हुआ कि उन्होंने अधिकारियों को नौकरी और जिंदगी तक बर्बाद करने की चेतावनी दे डाली। अब इस बयान को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है।

दरअसल, जनसुनवाई के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि अधिकारी उनकी सुनते नहीं हैं। इस पर शेखावत ने सख्त लहजे में कहा, अगर किसी कार्यकर्ता के साथ बदतमीजी करोगे तो मैं उससे डबल बदतमीजी करूंगा। नौकरी खराब करने के लिए कागज लिखने की जरूरत नहीं, मात्र एक टेलीफोन ही काफी है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि वे अगले 20 साल कहीं जाने वाले नहीं हैं।
वहीं शेखावत के इस बयान के बाद राजस्थान कांग्रेस के दिग्गजों ने उन्हें आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे पूरे प्रशासनिक ढांचे का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि यह मंत्री की हताशा का प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे डरें नहीं और संविधान के अनुसार काम करें, कांग्रेस उनके साथ है।
साथ ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसे स्तरहीन बयान करार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद मुख्यमंत्री न बनाए जाने की हताशा इस तरह के बयानों में झलक रही है।
शेखावत ने अधिकारियों को जनता और जनप्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेह रहने की नसीहत तो दी, लेकिन जिंदगी बर्बाद करने वाली लाइन ने सिस्टम का मनोबल गिरा दिया है। जानकारों का मानना है कि इस बयान से सरकार और ब्यूरोक्रेसी के बीच तालमेल बिगड़ सकता है।
पढ़ें ये खबरें
- BJP में अंदरूनी नाराजगी के सुर, पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप; सोशल मीडिया पर छलका दर्द
- मां को पीटकर भगाया, 2 महीने की बेटी को उतारा मौत के घाट! कलयुगी पिता ने मासूम का घोटा गला, भाई ने खोली पोल
- ‘अपराधियों को लगे कि मारे जाएंगे…’, दिल्ली-NCR में रेप मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की पुलिस को फटकार
- ‘हाथ काटकर फेंक दो, जमानत हम करवा देंगे’ : सुल्तानपुर में मंत्री संजय निषाद का बयान, कह दी ये बात
- V2 Retail Share Crash : शेयर खुलते ही 19% टूटा, कंपनी के बिजनेस अपडेट ने निवेशकों को चौंकाया
