Rajasthan Politics: राजस्थान के प्रतापगढ़ पहुंचे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आज प्रदेश की सरकार पर तीखा प्रहार किया है। शनिवार को जूली ने धरियावद में कार्यकर्ताओं की क्लास लेने के बाद पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में मनरेगा बचाओ कार्यशाला में हुंकार भरी। उन्होंने दो टूक कहा कि राजस्थान में फिलहाल धंधों की सरकार चल रही है, जहां गरीब और आदिवासी बच्चों की मौत हो रही है, लेकिन जयपुर में बैठे मंत्रियों को इसकी सुध लेने की फुर्सत नहीं है।

सुध लेने नहीं पहुंचा कोई मंत्री, अधिकारी चला रहे सरकार

प्रतापगढ़ की खराब चिकित्सा व्यवस्था पर जूली ने कहा कि धरियावद इलाके में डॉक्टरों की भारी कमी है। गरीब और आदिवासी बच्चे कुपोषण की भेंट चढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार का कोई भी नुमाइंदा उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा। जूली ने तंज कसते हुए कहा कार्यकर्ताओं की विधायक नहीं सुन रहे, विधायक की मंत्री नहीं, और मुख्यमंत्री की तो कोई सुन ही नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी सरकार केवल अधिकारियों के भरोसे चल रही है और जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।

मनरेगा को खत्म करने की साजिश का आरोप

पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम में जूली ने मनरेगा श्रमिकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार ने इस योजना की कमर तोड़ दी है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर मनरेगा का बजट और काम 65% तक कम कर दिया है। श्रमिकों को महीनों से भुगतान नहीं मिल रहा है। जूली ने कहा कि मनरेगा गरीबों का हक था, जिसे अब छीना जा रहा है। प्रतापगढ़ पहुंचने पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जूली का भारी लाव-लश्कर के साथ जोरदार स्वागत भी किया।

हिंदू-मुस्लिम के बीच खाई पैदा कर रही बीजेपी

बंगाल चुनाव और देश के मौजूदा हालातों पर बात करते हुए जूली ने केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को टूल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की भाषा का जिक्र करते हुए जूली बोले देश में हिंदू और मुसलमानों के बीच नफरत की खाई गहरी की जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है।

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