गुजरात के राजकोट शहर में चिकित्सा क्षेत्र का एक दुर्लभ और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 18 वर्षीय युवक केविन की बाईं ओर की लार की नली से एक-दो नहीं, बल्कि पूरी 10 पथरियां निकाली गई हैं। आमतौर पर लार की नली में एक या दो पथरियां होना आम बात है, लेकिन एक साथ 10 पथरियों का मिलना भारत में एक बेहद दुर्लभ चिकित्सकीय मामला माना जा रहा है।

बिना चीरे मुंह के रास्ते की गई सर्जरी

इस जटिल सर्जरी की सबसे खास बात यह रही कि डॉक्टर ने मरीज के चेहरे या त्वचा पर बाहर से कोई भी चीरा (कट) नहीं लगाया। ईएनटी (कान, नाक, गला) एवं सिर-गर्दन विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु ठक्कर ने एंडोस्कॉपी तकनीक का उपयोग करते हुए मुंह के अंदर से ही इन सभी 10 पथरियों को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। इस तकनीक की वजह से मरीज के चेहरे पर कोई निशान नहीं आया और उसकी लार ग्रंथि भी पूरी तरह सुरक्षित बच गई।

एक महीने से दर्द और सूजन से परेशान था मरीज

केविन पिछले लगभग एक महीने से मुंह के अंदर दर्द और जबड़े के नीचे सूजन की समस्या से जूझ रहा था। खासतौर पर खाना खाते समय उसकी जीभ के नीचे तेज दर्द होता था। सोनोग्राफी जांच में बाईं ओर की ‘सबमैंडिब्युलर’ लार प्रणाली में कई पथरियां होने का पता चला, जिसके बाद 14 सितंबर को डॉक्टर ने सर्जरी करने का फैसला किया।

क्या है सियालोलिथियासिस?

लार की ग्रंथि या उसकी नली में खनिज तत्वों के जमा होकर कठोर होने की स्थिति को मेडिकल भाषा में ‘सियालोलिथियासिस’ (लार की पथरी) कहा जाता है। जबड़े के नीचे स्थित सबमैंडिब्युलर ग्रंथि में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है, लेकिन एक ही नली में 4 सेंटीमीटर लंबी 10 पथरियां मिलना बेहद असामान्य है।

सर्जरी के बाद केविन की हालत में सुधार को देखते हुए उसे उसी शाम अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि खाना खाते समय जबड़े के नीचे दर्द या सूजन को नजरअंदाज न करें, क्योंकि समय पर इलाज से बड़ी जटिलताओं से बचा जा सकता है।

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