मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में विशेष एंटी करप्शन कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई. जांच अधिकारी सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी की ओर से दाखिल 7,278 पेज की चार्जशीट में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोप मुक्त रखा गया है. अब ये तीनों मामले में गवाह की भूमिका में रहेंगे. जांच अधिकारी के मुताबिक, मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी रहने के कारण ट्रस्ट की एफआईआर पर दर्ज केस में वे गवाही देंगे. दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट ने भी चार्जशीट की कॉपी मांगी है.
न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रजत वर्मा की अदालत में पांच बड़े बक्सों में भरकर चार्जशीट लाई गई. इसमें 133 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं. जेल में बंद आठों आरोपियों को अभियुक्त बनाया गया है. आठों आरोपियों में शामिल सुभाष चंद्र श्रीवास्तव के पास से रकम बरामद न होने के कारण उन पर चोरी की धारा हटा दी गई है. सूत्रों के मुताबिक, चार्जशीट दाखिल होने के बाद सभी आरोपित न्यायिक रिमांड से मुक्त हो जाएंगे. उन्हें 14 दिनों में कोर्ट में पेशी पर आना होगा.
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चार्जशीट में सभी आरोपितों पर आवासीय मकान से चोरी और मालिक के घर से नौकर द्वारा चोरी की धाराएं विलोपित कर दी गई हैं. अभियोजन की कहानी के समर्थन में 133 गवाहों की सूची भी दाखिल की गई है. इनमें गोपाल राव, अनिल मिश्रा, चंपत राय और कृष्ण मोहन भी शामिल हैं.
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने 25 जून को राम जन्मभूमि थाने में दर्ज करवाई थी. इसमें अनुकल्प मिश्रा, करुणेश पांडेय, मनीष कुमार यादव, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, अविनाश शुक्ला और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद किया गया था. आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था. केस की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी को सौंपी गई. उन्होंने विवेचना के दौरान आवश्यक साक्ष्य जुटाए. सभी आरोपितों को बारी-बारी से पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई और बरामदगी भी की गई.


