रांची। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर रांची का मोरहाबादी मैदान भक्ति, उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया। जन्माष्टमी आयोजन समिति की ओर से आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव-2026 में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी पहुंचे। पूरे मैदान में जय श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, राजीव रंजन, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह समेत कई नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और भजनों का आयोजन हुआ। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए।
बाल गोपाल प्रतियोगिता में बच्चों ने मोहा मन
आयोजन का खास आकर्षण बाल गोपाल प्रतियोगिता रही। बड़ी संख्या में बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सजकर हिस्सा लिया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंच पर पुरस्कार देकर सम्मानित किया और उनका उत्साह बढ़ाया।

CM ने फोड़ी दही-हांडी, मानव पिरामिड ने बढ़ाया रोमांच
बाल गोपाल प्रतियोगिता के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दही-हांडी फोड़कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। अलग-अलग टीमों ने मानव पिरामिड बनाकर दही-हांडी फोड़ने की कोशिश की। प्रतियोगिता देखने के लिए मोरहाबादी मैदान में बड़ी संख्या में लोग जुटे और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागी टीमों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, भाईचारे और आपसी सद्भाव को मजबूत करते हैं।
अगले साल और भव्य होगा आयोजन
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई दी। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन हर वर्ष और बेहतर एवं भव्य होता जा रहा है। अगले वर्ष इसे और वृहद एवं आकर्षक बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

दही-हांडी प्रतियोगिता के परिणाम
बालिका वर्ग
प्रथम — राधा रानी गर्ल्स अखाड़ा — 35.25 सेकंड
द्वितीय — योगा गर्ल्स, रांची — 42.47 सेकंड
बालक वर्ग
प्रथम — शिव शक्ति जानकी दल — 26.09 सेकंड
द्वितीय — बजरंग दल, मंडरो — 27.12 सेकंड
तृतीय — श्री राम सेवा समिति — 40.69 सेकंड
शुक्रवार देर शाम तक मोरहाबादी मैदान में भक्ति गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा। पूरा मैदान श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबा नजर आया।



