रांची। राजधानी के अलबर्ट एक्का चौक पर शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उल्लास देखने को मिला। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव समिति की ओर से आयोजित दो दिवसीय महोत्सव के पहले दिन श्रीकृष्ण झांकी सह बाल गोपाल प्रतियोगिता ने खास आकर्षण बटोरा। 2 से 12 वर्ष तक के 150 से अधिक बच्चों ने कृष्ण और बाल गोपाल के रूप में अपनी प्रस्तुति दी।
महोत्सव का उद्घाटन मुख्य संरक्षक सह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, संरक्षक सीपी सिंह, अजय मारू, अध्यक्ष मुकेश काबरा, मेयर रोशनी खलखो और उप महापौर नीरज कुमार समेत अन्य अतिथियों ने किया।
वंदे मातरम थीम में सजा आयोजन स्थल
जन्माष्टमी महोत्सव के लिए अलबर्ट एक्का चौक को वंदे मातरम की थीम पर सजाया गया है। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर समिति की ओर से मोटे अनाज का भोग लगाया गया।
शाम होते ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। कन्हैया इवेंट के 40 से अधिक कलाकारों ने कृष्ण जन्मोत्सव, राधा-कृष्ण की लीला, महारास, फूलों की होली और शंकर-पार्वती का तांडव नृत्य प्रस्तुत किया।
मथुरा, वृंदावन और कोलकाता से आए कलाकारों ने वंदे मातरम, रासलीला, नृत्य-नाटिका और भारत माता की प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
बाल गोपाल प्रतियोगिता में इन बच्चों ने मारी बाजी
प्रतियोगिता में बच्चों को उम्र के अनुसार अलग-अलग वर्गों में शामिल किया गया। छह वर्ष से अधिक उम्र के वर्ग में अदिति ने पहला और अभिराज ने दूसरा स्थान हासिल किया।वहीं 1 से 5 वर्ष के वर्ग में गर्व कुमार प्रथम और टीटू कुमार द्वितीय रहे।
मथुरा से आई राधा-कृष्ण की जोड़ी
महोत्सव में पहली बार प्रस्तुति देने मथुरा से आराध्या और शिवांश अपनी 15 सदस्यीय मंडली के साथ रांची पहुंचे हैं। आराध्या पिछले 10 वर्षों से और शिवांश पांच वर्षों से जन्माष्टमी के अवसर पर राधा-कृष्ण की भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राधा-कृष्ण के रास में मिलने वाला आनंद अलग ही अनुभूति देता है। मंच पर प्रस्तुति के दौरान उन्हें साक्षात राधा-कृष्ण की अनुभूति होती है, जिससे उनकी भक्ति और उत्साह बढ़ जाता है।
आज दही हांडी में दिखेगा रोमांच
दो दिवसीय महोत्सव का दूसरा दिन दही हांडी प्रतियोगिता के नाम रहेगा। शनिवार शाम 3 बजे ‘नमो दही हांडी प्रतियोगिता’ का उद्घाटन राज्यपाल संतोष गंगवार करेंगे।आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता में 18 वर्ष से कम उम्र के गोविंदा हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
महिला और पुरुष गोविंदा के लिए अलग पुरस्कार
दही हांडी प्रतियोगिता में पुरुष और महिला वर्ग के लिए अलग-अलग पुरस्कार रखे गए हैं।
पुरुष वर्ग
प्रथम पुरस्कार: ₹71,000
द्वितीय पुरस्कार: ₹41,000
महिला वर्ग
प्रथम पुरस्कार: ₹51,000
द्वितीय पुरस्कार: ₹31,000
16 वर्षों से हो रहा आयोजन
मुख्य संरक्षक संजय सेठ ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण पूरे प्रदेश में सुख-समृद्धि और खुशहाली लाएं। उन्होंने कहा कि जनता के प्यार और आशीर्वाद से नमो दही हांडी का आयोजन 16 वर्षों से किया जा रहा है।समिति ने लोगों से बड़ी संख्या में पहुंचकर जन्माष्टमी महोत्सव और दही हांडी प्रतियोगिता में शामिल होने की अपील की है।



