रांची। राजधानी रांची में महिलाओं के सुरक्षित और सुविधाजनक सफर को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। शहर की सड़कों पर जल्द ही 6 नई महिला स्पेशल पिंक सिटी बसें दौड़ेंगी। इन बसों के शुरू होने के बाद रांची में पिंक बसों की कुल संख्या 10 हो जाएगी। फिलहाल 4 पिंक बसें संचालित हो रही हैं।
नगर निगम ने नई बसों की खरीदारी के लिए बुधवार को टेंडर जारी कर दिया है। निविदा के मुताबिक 22 अगस्त को प्री-बिड मीटिंग होगी, जबकि 8 सितंबर को टेंडर खोला जाएगा। इसके बाद बसों की खरीदारी और संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
32 सीटर होंगी नई पिंक बसें
नगर निगम की ओर से खरीदी जाने वाली सभी 6 नई बसें 32 सीटर होंगी। इन्हें खासतौर पर महिला यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर संचालित किया जाएगा।
नई बसों के आने से शहर में महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन के विकल्प बढ़ेंगे। खासकर रोजाना पढ़ाई और नौकरी के लिए सफर करने वाली छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।
दो साल से उठ रही थी बसों की संख्या बढ़ाने की मांग
रांची में पिंक बसों की संख्या बढ़ाने की मांग पिछले करीब दो वर्षों से की जा रही थी। कचहरी से बिरसा चौक के बीच यात्रा करने वाली महिलाओं का कहना था कि मौजूदा बसें यात्रियों की संख्या के मुकाबले कम हैं।
महिलाओं के मुताबिक रोजाना ऑटो से सफर करना महंगा पड़ता है। वहीं, भीड़भाड़ वाले ऑटो में चढ़ने-उतरने में भी परेशानी होती है। ऐसे में पिंक बसों को महिलाओं के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित और किफायती विकल्प माना जा रहा है।
कचहरी-बिरसा चौक रूट पर चलती हैं पिंक बसें
फिलहाल रांची में पिंक सिटी बसें कचहरी से बिरसा चौक के बीच संचालित हो रही हैं। इस रूट पर बड़ी संख्या में छात्राएं, कामकाजी महिलाएं और अन्य महिला यात्री सफर करती हैं।नई बसों के जुड़ने से इस रूट पर बसों की उपलब्धता बढ़ने और यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
आम यात्रियों के लिए भी आएंगी 17 नई सिटी बसें
महिला स्पेशल बसों के अलावा रांची नगर निगम 17 नई सामान्य सिटी बसें भी खरीदने जा रहा है। इन बसों में महिला और पुरुष दोनों यात्रा कर सकेंगे।इन बसों की खरीदारी की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इनके सड़क पर उतरने के बाद राजधानी में सामान्य सिटी बसों का बेड़ा भी बढ़ जाएगा।
पिंक बसों के साथ सामान्य बसों का भी विस्तार
रांची में एक साथ 6 पिंक बसें और 17 सामान्य सिटी बसें बढ़ाने की योजना से शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
बढ़ती आबादी और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए बसों की संख्या बढ़ना अहम माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि टेंडर प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और नई बसें वास्तव में कब सड़कों पर उतरती हैं।


