सुदीप उपाध्याय, बलरामपुर। जिले के रंका थाना क्षेत्र में 5 जून को हुए सड़क हादसे में श्रीकांत रवि की मौत का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। आरोप है कि श्रीकांत की पत्नी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के गढ़वा जिलाध्यक्ष शंभू राम की बेटी मनीषा ने अपने कथित प्रेमी मोहम्मद हसन के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। इसके लिए पिकअप चालक परवेज अंसारी उर्फ पप्पू को कथित तौर पर एक लाख रुपए दिए गए।

पुलिस ने मनीषा, मोहम्मद हसन और पिकअप चालक परवेज अंसारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, इमरान अंसारी और असराज अंसारी फरार हैं। पुलिस दोनों की तलाश में छापेमारी कर रही है। रंका एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह और थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की जानकारी दी।
5 जून को बाइक से चिनियां जा रहा था श्रीकांत
पुलिस के अनुसार, 5 जून 2026 को श्रीकांत रवि अपनी अपाचे बाइक से चिनियां जा रहा था। रंका-गोदरमाना मार्ग पर बरवाहा मोड़ के पास पिकअप वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में श्रीकांत की मौके पर ही मौत हो गई।
श्रीकांत छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज वार्ड क्रमांक 5 का रहने वाला था। वह शासकीय विद्यालय में भृत्य/आदेशपाल के पद पर कार्यरत था। घटना के बाद इसे सड़क दुर्घटना माना गया था। मृतक की पत्नी की ओर से रामानुजगंज थाना में दुर्घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
मां के आवेदन के बाद बदली जांच की दिशा
मृतक की मां शांति देवी ने पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर को आवेदन देकर घटना पर संदेह जताया। आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की।
जांच टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल कॉल डिटेल, टावर लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई। पुलिस का कहना है कि इन साक्ष्यों और पूछताछ से घटना की कड़ियां जुड़ती चली गईं।
13 साल पहले हुई थी शादी, तीन बच्चे हैं
पुलिस जांच में सामने आया कि मनीषा की शादी करीब 13 साल पहले श्रीकांत रवि से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं। पुलिस के अनुसार, विजयनगर निवासी मोहम्मद हसन रामानुजगंज में मोबाइल की दुकान चलाता था। वह कुछ समय तक श्रीकांत के घर में किराएदार के तौर पर भी रहा था। इसी वजह से दोनों परिवारों के बीच पारिवारिक संबंध बन गए थे।
जांच में पुलिस को मनीषा और मोहम्मद हसन के बीच कथित प्रेम संबंध होने की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, इसकी जानकारी श्रीकांत को होने के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ गया था।
मनीषा कथित तौर पर श्रीकांत से तलाक लेकर मोहम्मद हसन के साथ रहने की बात पर अड़ी थी। पिछले चार-पांच महीने से वह अपने मायके चिनियां में रह रही थी।
ड्राइवर को एक लाख रुपए देने का दावा
पुलिस के मुताबिक, श्रीकांत की हत्या की साजिश मनीषा और मोहम्मद हसन ने मिलकर रची। आरोप है कि रंका थाना क्षेत्र के बांदू गांव निवासी पिकअप चालक परवेज अंसारी को इसके लिए एक लाख रुपए देने की बात तय हुई।
पुलिस का दावा है कि मोहम्मद हसन ने ऑनलाइन माध्यम से परवेज को एक लाख रुपए का भुगतान किया था। इसके बाद हत्या को सड़क हादसे का रूप देने की योजना बनाई गई।
पत्नी ने फोन कर बुलाया, रास्ते में पिकअप ने मारी टक्कर
पुलिस जांच के अनुसार, घटना वाले दिन मनीषा ने लंबे समय बाद श्रीकांत को फोन किया और उसे चिनियां मिलने के लिए बुलाया। पत्नी का फोन आने के बाद श्रीकांत बाइक से चिनियां के लिए निकल गया।
पुलिस का आरोप है कि मोहम्मद हसन, इमरान अंसारी और असराज अंसारी पहले से अर्टिगा कार में मौजूद थे। वहीं, परवेज अंसारी पिकअप लेकर कथित तौर पर पहले से तय जगह पर पहुंच गया था।
बरवाहा मोड़ के पास श्रीकांत की बाइक को पिकअप से जोरदार टक्कर मारी गई। पुलिस के अनुसार, टक्कर जानबूझकर मारी गई थी। श्रीकांत की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।

CCTV और मोबाइल लोकेशन से खुला मामला
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज के साथ आरोपियों की मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल की जांच की। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मनीषा, मोहम्मद हसन और परवेज अंसारी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
दो आरोपी फरार, पुलिस कर रही तलाश
पुलिस के मुताबिक, इमरान अंसारी और असराज अंसारी अभी फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह ने बताया कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।
जांच टीम की रही अहम भूमिका
मामले के उद्भेदन में डीएसपी रोहित रंजन सिंह, इंस्पेक्टर सुभाष पासवान, थाना प्रभारी रवि कुमार केसरी, एसआई अनिल हेम्ब्रम, एसआई सफीउल्लाह अंसारी समेत पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है। मामले में पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
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