Bihar News: झारखंड सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. इरफान अंसारी के एक विवादित बयान को लेकर राजनीतिक घमासान मच गया है। दरअसल इरफान अंसारी ने यह दावा किया है कि दिल्ली में पढ़ाई करने वाले और रहने वाले करीब 40 लाख युवा और छात्र राहुल गांधी के एक इशारे का इंतजार कर रहे हैं। राहुल गांधी ने इन्हें अभी सड़क पर उतरने से रोक रखा है।

उन्होंने कहा कि, अगर प्रधानमंत्री सचेत नहीं हुए, तो देश में ऐसे हालात पैदा हो जाएंगे जो नेपाल और बांग्लादेश से भी ज्यादा बुरे होंगे और सेना भी इन्हें नहीं रोक पाएगी। इरफान अंसारी के इस बयान को भाजपा ‘अराजकता फैलाने वाला’ और ‘खतरनाक’ करार दे रही है।

जनता देख रही राहुल का असली चेहरा- रविशंकर प्रसाद

पटना पहुंचे भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने इरफान अंसारी के इस बायन पर कहा कि, राहुल गांधी को वोट नहीं मिलता तो अब वो यही सब करवाएंगे। यह अच्छा है, राहुल गांधी का सही चेहरा देश देखे। उनके मंत्री बोल रहे हैं। मैंने भी देखा है… वो बोले हैं और राहुल गांधी या कांग्रेस ने उनके बयान का कोई प्रतिकार नहीं किया है। देश की जनता जवाब देगी कि आप अराजक हैं और हारते हैं तो जबरदस्ती करके लोगों को उकसाते हैं। जनता आपका सारा खेल समझ गई है।

युवाओं को उकसा रही है कांग्रेस- दीपक प्रकाश

बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश ने इरफान अंसारी के बयान पर कहा कि, पिछले कुछ समय से जिस तरीके का माहौल मनाने की कोशिश हो रही है ये भी उसी का हिस्सा है। जिस तरीके से विपक्ष के नेता केंद्र में टूल किट के माध्यम से काम कर रहे हैं। कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े भी हो रहे हैं और लोगों को उकसाने का काम किया जा रहा है, खासकर युवाओं को राजनीतिक लाभ के लिए उकसाने का काम किया जा रहा है।

राजद सांसद मनोज झा ने क्या कहा?

इरफान अंसारी के बयान पर राजद सांसद मनोज झा की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि, कई लोग पड़ोस की घटनाओं को या वैश्विक स्थिति का गलत अर्थ निकालते हैं। मैं इस पर लगातार लिखता रहा हूं, बोलता रहा हूं। यह गांधी का देश है। यहां एक संविधान है जिसके रचयिता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर हैं। यहां लोकतांत्रिक कल्पना के लिए जवाहरलाल नेहरू हैं, एकता के लिए सरदार पटेल हैं,संयुक्त राष्ट्रवाद के लिए मौलाना आजाद हैं। हमें दुनिया के किसी और देश को देखने की जरूरत नहीं है।

मनोज झा ने कहा कि, हमारी शिकायतें अपनी सत्ता से हैं और वाजिब शिकायतें हैं। सिर्फ विपक्ष की नहीं, युवाओं, छात्रों, किसानों की भी है लेकिन यह गांधी का मुल्क है। हमारे पास तीन आंदोलनों का प्रतिमान है जो असहयोग, सविनय अवज्ञा, भारत छोड़ो आंदोलन है। उन तीन आंदोलनों के मद्देनजर ही देश में परिवर्तन और बेहतरी की हर कोशिश होगी। कौन क्या बयान देता है, वो बेईमानी है। वे नहीं समझते कि असल में भारत क्या है।

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