कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़ | प्रदेश में होने वाले नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका चुनावों को लेकर इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने कई बड़े और अहम बदलाव किए हैं। चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और मतदाता अनुकूल बनाने के उद्देश्य से पहली बार सभी मतदाताओं तक वोटर स्लिप पहुंचाने की व्यवस्था लागू की गई है। आयोग का दावा है कि इस पहल से मतदान प्रतिशत बढ़ाने और मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर होने वाली परेशानी कम करने में मदद मिलेगी।

Haryana State Election Commission के सचिव Gaurav Kumar ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका क्षेत्रों में मतदाताओं को वोटर स्लिप वितरित की जा चुकी हैं। स्थानीय निकाय चुनावों के इतिहास में यह पहली बार है जब हर मतदाता तक व्यवस्थित रूप से वोटर स्लिप पहुंचाने का अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को आसान बनाना और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान सुरक्षा और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए संवेदनशील एवं चिन्हित मतदान केंद्रों पर माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त किए जाएंगे। ये अधिकारी मतदान प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और मतदाताओं की पहचान सत्यापन प्रक्रिया पर विशेष नजर रखेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के समय केवल वोटर स्लिप पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि मतदाताओं को अपना वोटर आईडी कार्ड या राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य कोई अन्य वैध पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। बिना पहचान पत्र के मतदान की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उपायुक्तों और जिला प्रशासन को विशेष दिशा-निर्देश जारी

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी उपायुक्तों और जिला प्रशासन को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि मतदान केंद्रों पर दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों और महिला मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। आयोग ने व्हीलचेयर, बैठने की व्यवस्था, सहायता कर्मी और अलग कतार जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी मतदाता को परेशानी का सामना न करना पड़े।

मतदान केंद्रों पर सहायता बूथ स्थापित किए जाएंगे

इसके अलावा सभी मतदान केंद्रों पर सहायता बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां मतदाताओं को मतदान संबंधी जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। आयोग ने पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। चुनाव आयोग का मानना है कि बेहतर व्यवस्थाओं और सुविधाओं से मतदाता उत्साहपूर्वक मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भागीदारी निभाएंगे।