देवघर। देवघर में सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में निकाली गई भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा सोमवार को देवघर पहुंची। राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा करते हुए यह यात्रा संथाल परगना के कई जिलों से होकर देवघर पहुंची।
यात्रा की शुरुआत रामगढ़ के नेमरा गांव से की गई थी। देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि नेमरा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का पैतृक गांव है और यहीं से परीक्षा सुधार यात्रा की शुरुआत हुई। इसके बाद यात्रा राज्य के अलग-अलग जिलों में पहुंच रही है।
संथाल परगना के कई जिलों का दौरा
देवघर पहुंचने से पहले यात्रा पाकुड़, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और जामताड़ा का दौरा कर चुकी है। देवघर में स्थानीय कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों से जुड़े लोगों ने देवेंद्र नाथ महतो का स्वागत किया और यात्रा को समर्थन देने की बात कही।
देवेंद्र महतो ने कहा कि सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ रांची में छात्रों ने बड़ा आंदोलन किया था। इसके बाद सरकार ने कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द किया और मामलों की सीआईडी जांच भी चल रही है।
‘आंदोलन के दबाव में सरकार ने मानी कई मांगें’
देवेंद्र नाथ महतो ने दावा किया कि रांची में विधानसभा घेराव के बाद जेपीएससी के अध्यक्ष और सदस्यों को हटाया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के मंत्रियों की ओर से कई मांगों को मानने की पहल की गई।
हालांकि, उनका कहना है कि इन फैसलों से छात्र पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में छोटी-बड़ी सरकारी नौकरियों की नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता और कथित लेन-देन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता की मांग
छात्र नेता ने कहा कि झारखंड की स्थानीय नीति और मूलवासी की गरिमा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। गरीब और आदिवासी परिवारों से आने वाले युवाओं को उनकी योग्यता और क्षमता के आधार पर नौकरी का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता की मांग की। देवेंद्र महतो के मुताबिक, इन्हीं मांगों को लेकर राज्यभर में भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा निकाली जा रही है और इसे छात्रों के साथ-साथ आम लोगों का भी समर्थन मिल रहा है।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा उग्र
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वह पिछले कई दिनों से संथाल परगना के विभिन्न जिलों में छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं समझ रहे हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर चक्का जाम और झारखंड बंद जैसे आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के मुद्दों को लेकर वह पीछे हटने वाले नहीं हैं।
वहीं, छात्रों से मुलाकात के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने जरमुंडी विधायक के आवास पर हुई रसोइया सोनू राउत की मौत के मामले में उनके परिजनों से भी मुलाकात की।


