दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू (Taranjit Singh Sandhu) और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने मंगलवार को त्यागराज स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत राज्य स्तरीय आशा सम्मेलन-2026 और आशा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ताओं के योगदान को रेखांकित करते हुए उनके सम्मान और कल्याण से जुड़े विषयों पर भी जोर दिया गया। सरकार की ओर से जनस्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में विभिन्न पहल की जानकारी दी गई।
समारोह के दौरान जी. बी. पंत अस्पताल में SOTTO (State Organ and Tissue Transplant Organisation) भवन का वर्चुअल उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही ‘अनमोल’ पहल के विस्तार और नर्सिंग होम मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ताओं के लिए प्रोत्साहन भत्ते में ऐतिहासिक वृद्धि की घोषणा भी की गई। सरकार की ओर से इसे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हर परिवार के स्वास्थ्य की चिंता करने वाली आशा कार्यकर्ता घर-घर तक स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी योजनाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का संकल्प है कि जो आशा कार्यकर्ता हर परिवार की सेवा कर रही हैं, उनके सम्मान, सुविधाओं और कल्याण का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
नागरिक-केंद्रित बनाएंगी ये योजनाएं
इस अवसर पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित और सशक्त दिल्ली की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शुरू की गई स्वास्थ्य योजनाओं का उद्देश्य आधुनिक तकनीक, प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों और मानवीय दृष्टिकोण के समन्वय से दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इन पहलों के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
मासिक मानदेय 6,000 रुपये किया
उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की अग्रिम पंक्ति में रहकर गर्भवती महिलाओं, बच्चों और परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं एवं जागरूकता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 3,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये किया गया है। इसे उनके योगदान और समर्पण के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने नवजात शिशुओं में शुरुआती स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान और समय पर उपचार के लिए ‘अनमोल’ पहल और जी.बी. पंत अस्पताल में SOTTO के नवनिर्मित केंद्र की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ये पहलें अंगदान और अंग प्रत्यारोपण की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
विकसित राजधानी बनाने की दिशा में कार्य जारी
उपराज्यपाल ने कहा कि नर्सिंग होम मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण और नवीनीकरण जैसी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। इससे प्रक्रियाएं सरल होने के साथ अनावश्यक प्रशासनिक बाधाएं कम होंगी और निगरानी व्यवस्था भी बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के विजन के अनुरूप सरकार का प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। तकनीक, मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों और करुणा आधारित सेवा के समन्वय के जरिए दिल्ली को स्वस्थ, सक्षम और विकसित राजधानी बनाने की दिशा में काम जारी है।
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