धनबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट में किया आत्मसमर्पण, 2023 के सियालजोड़ी आंदोलन और सड़क जाम मामले में चल रही है सुनवाई
धनबाद। बोकारो जिले के सियालजोड़ी स्थित वेदांता स्टील प्लांट आंदोलन से जुड़े मामले में डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक मोर्चा (जेएलएम) के केंद्रीय अध्यक्ष Jairam Mahato को अदालत से बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को उन्होंने धनबाद स्थित एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि जयराम महतो का आंदोलन से प्रत्यक्ष संबंध नहीं था और उन्हें परिस्थितिजन्य आधार पर आरोपी बनाया गया है। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया, लेकिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत मंजूर कर ली।
2023 के आंदोलन से जुड़ा है मामला
यह मामला 27 नवंबर 2023 को बोकारो जिले के सियालजोड़ी थाना में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वेदांता स्टील प्लांट में मजदूरों के आंदोलन के दौरान जयराम महतो के फोटो वाले बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया गया, जिससे वेदांता फोर लेन सड़क पर लंबा जाम लग गया और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हुईं।
पहले भी अदालत में हो चुके हैं पेश
जयराम महतो इससे पहले भी इस मामले में अदालत में पेश हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया था कि जिस दिन प्रदर्शन हुआ, उस दिन वह आंदोलन स्थल पर मौजूद नहीं थे और केवल उनके फोटो वाले बैनर इस्तेमाल होने के आधार पर उन्हें मामले में शामिल किया गया।
न्यायिक प्रक्रिया रहेगी जारी
हालांकि जमानत मिलने से फिलहाल जयराम महतो को राहत मिल गई है, लेकिन मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। आरोपों की सत्यता और जिम्मेदारी का अंतिम फैसला साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत की सुनवाई पूरी होने के बाद ही होगा।


