रोहतक। हरियाणा के रोहतक जिले में नीट पुनर्परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने की उड़ रही अफवाहों पर आखिरकार पुलिस ने पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। रोहतक के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव राजपुरोहित ने खुद सामने आकर एक वीडियो बयान जारी किया है। उन्होंने मीडिया में चल रही नीट पेपर लीक की सभी खबरों को पूरी तरह से गलत और भ्रामक बताया है। पुलिस कप्तान ने साफ कहा है कि अब तक की जांच में किसी भी तरह के पेपर लीक होने का कोई सबूत नहीं मिला है, इसलिए लोग इस तरह की अफवाहों पर बिल्कुल भी यकीन न करें।

साजिश रचकर अपने ही पार्टनर को फंसाने की थी कहानी

दरअसल, यह पूरा मामला तब गरमाया जब सोनीपत एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की टीम ने देर शाम रोहतक में एक बड़ी छापेमारी की। एसटीएफ असल में गंभीर अपराधों की जांच करने वाली पुलिस की एक विशेष शाखा होती है। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने रोहतक से दो डॉक्टर भाइयों और महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के एक प्रोफेसर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। खबर आई थी कि प्रोफेसर के मोबाइल फोन से नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र मिला है। पुलिस ने जब इसकी शुरुआती जांच की, तो वह पेपर पूरी तरह नकली और फर्जी पाया गया।

लेनदेन का था विवाद, फैलाई गई अफवाह

एसपी गौरव राजपुरोहित ने वीडियो में मामले का सच बताते हुए कहा कि यह पूरा विवाद आपसी साझीदारों के बीच पैसों के लेनदेन और धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है। कुछ लोगों ने साजिश रचकर अपने ही बिजनेस पार्टनर को फंसाने के लिए यह पूरी झूठी कहानी बुनी थी। उन्होंने साफ किया कि यह मामला कानून व्यवस्था से जुड़ा आपसी झगड़ा है, न कि परीक्षा की गोपनीयता से जुड़ा हुआ कोई राष्ट्रीय मुद्दा। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि परीक्षा जैसे संवेदनशील माहौल में ऐसी भ्रामक यानी झूठ फैलाकर पैनिक क्रिएट करने के पीछे किसका हाथ था।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

पुलिस का कहना है कि वे इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रहे हैं। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने चेतावनी दी है कि परीक्षा के समय ऐसी संवेदनशील अफवाहें फैलाकर युवाओं को गुमराह करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है ताकि इस साजिश की पूरी कड़ियों को जोड़ा जा सके।