Business Desk – Retirement Planning Tips : रिटायरमेंट की चिंता को कम करने के लिए बड़ी रकम निवेश करना जरूरी नहीं है. वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी-छोटी बचत को लंबे समय तक नियमित रूप से निवेश किया जाए, तो कंपाउंडिंग की ताकत करोड़ों नहीं तो लाखों का मजबूत फंड तैयार कर सकती है. हाल के बाजार उतार-चढ़ाव के बावजूद सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) निवेशकों के बीच सबसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों में बना हुआ है.

2,000 की SIP कैसे बनाएगी 38 लाख का फंड?

अगर कोई निवेशक हर महीने 2,000 रुपए की SIP शुरू करता है और इसे लगातार 25 साल तक जारी रखता है, तो लंबी अवधि में बड़ा कॉर्पस तैयार किया जा सकता है. अनुमान के मुताबिक, यदि निवेश पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो 25 साल बाद निवेशक के पास करीब 37.95 लाख रुपए का फंड हो सकता है.

इस दौरान कुल निवेश राशि 6 लाख रुपए होगी, जबकि कंपाउंडिंग के जरिए मिलने वाला अनुमानित लाभ 31.95 लाख रुपए से अधिक होगा. यानी वास्तविक निवेश से कई गुना अधिक संपत्ति केवल समय और नियमित निवेश की बदौलत तैयार हो सकती है.

कंपाउंडिंग का जादू क्या है?

कंपाउंडिंग का मतलब है कि आपके निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे चलकर रिटर्न कमाने लगता है. जितनी लंबी अवधि तक निवेश जारी रहता है, कंपाउंडिंग का असर उतना ही अधिक दिखाई देता है. यही वजह है कि वित्तीय योजनाकार कम उम्र में निवेश शुरू करने की सलाह देते हैं.

बाजार में गिरावट के दौरान SIP बंद करना सही है?

वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और शेयर बाजार की अस्थिरता के कारण कई निवेशक घबरा जाते हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में SIP जारी रखना अधिक फायदेमंद होता है. नियमित निवेश से रुपी कॉस्ट एवरेजिंग का लाभ मिलता है. बाजार गिरने पर कम कीमत में ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं और बाजार में तेजी आने पर इनका फायदा लंबे समय में निवेशक को मिलता है.

स्टेप-अप SIP से और बढ़ सकता है रिटर्न

वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, अगर निवेशक हर साल अपनी SIP राशि में 5% या 10% की बढ़ोतरी करते हैं, तो लंबी अवधि में बनने वाला फंड काफी बड़ा हो सकता है. इसे स्टेप-अप SIP कहा जाता है और बढ़ती आय के साथ निवेश बढ़ाने का यह एक प्रभावी तरीका माना जाता है.

निवेश से पहले रखें इन बातों का ध्यान

म्यूचुअल फंड बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं और रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती. 12% का रिटर्न केवल एक अनुमानित उदाहरण है, वास्तविक रिटर्न बाजार की स्थिति और चुनी गई स्कीम पर निर्भर करेगा. निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखते हुए SIP शुरू करनी चाहिए.

आवश्यकता पड़ने पर किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की सलाह लेनी चाहिए. छोटी रकम से शुरू की गई नियमित SIP लंबी अवधि में रिटायरमेंट फंड, बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदने या अन्य बड़े वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने का मजबूत माध्यम बन सकती है.