रेवाड़ी। पूर्व सैनिक और उसकी पत्नी को 52 दिनों तक कथित तौर पर हाउस अरेस्ट रखकर करीब 1.89 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में जेल में बंद आरोपी ने खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। जेल के अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद उसने वहां रखा सैनिटाइजर निगल लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद उसे रोहतक PGI में भर्ती कराया गया।

जानकारी के अनुसार, जींद निवासी मनोज श्योकंद को साइबर थाना पुलिस ने मई माह में गिरफ्तार किया था। उस पर धारूहेड़ा के सेक्टर-6 निवासी पूर्व सैनिक राजपाल सिंह और उनकी पत्नी को 27 फरवरी से 20 अप्रैल तक कथित तौर पर हाउस अरेस्ट रखकर करीब 1 करोड़ 89 लाख 28 हजार रुपये की ठगी करने का आरोप है। इस मामले में साइबर थाना पुलिस ने 22 अप्रैल को केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद से वह रेवाड़ी जिला जेल में बंद था। गुरुवार देर शाम वह जेल के बाथरूम में गया। वहां उसने पानी रोकने वाली जाली निकालकर कथित तौर पर उससे अपने हाथ पर हमला करने का प्रयास किया, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जेल अस्पताल में उपचार के दौरान मनोज ने वहां रखा सैनिटाइजर निगल लिया। सैनिटाइजर निगलने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उसे रोहतक PGI रेफर किया गया।

जेल अधीक्षक रेशम सिंह के अनुसार, बंदी मानसिक रोगी है और उसका इलाज चल रहा है। रोहतक PGI में उसकी हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है।