पटना। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर सोशल मीडिया के माध्यम से तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रशांत किशोर की कार्यप्रणाली और राजनीतिक विजन पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जो लोग अपनी कमाई और टैक्स का भुगतान उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे दूसरे राज्यों में करते हैं, वे आखिर किस मुंह से बिहार के विकास और यहां की जनता के हितों की बात कर रहे हैं। ऋतुराज सिन्हा के इस बयान के बाद बिहार की राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है।

​टैक्स भरें बाहर, और बिहार में मांगें वोट

​ऋतुराज सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे कई राजनेता और रणनीतिकार हैं जो कमाई और टैक्स दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश में जमा कराते हैं, लेकिन जब वोट मांगने की बारी आती है तो वे सीधे पटना का रुख करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह दोहरे मापदंड की राजनीति बिहार की जनता भली-भांति समझती है। बाहर रहकर अपनी आर्थिक जड़ें मजबूत करने वाले लोग अचानक चुनाव के समय बिहार के हितैषी बनने का ढोंग करते हैं, जिसे अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

​रोजगार और उद्यमिता पर दिया अपना उदाहरण

​अपनी बात को और मजबूती देते हुए भाजपा राष्ट्रीय मंत्री ने खुद का और अपनी कंपनियों का हवाला दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम भी व्यापार करते हैं, लेकिन हमारी सभी कंपनियां और व्यावसायिक इकाइयां बिहार के भीतर ही बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन कर रही हैं। हम अपनी कमाई का टैक्स भी पूरी ईमानदारी से बिहार में ही भरते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग खुद को बिहार का सबसे बड़ा हितैषी बताते हैं, उन्होंने राज्य के युवाओं को रोजगार देने के लिए जमीन पर क्या काम किया है?

​200 करोड़ की संपत्ति वाले नेताओं ने बिहार के लिए कभी नहीं सोचा

​प्रशांत किशोर का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि करोड़ों की संपत्ति वाले ये उम्मीदवार और नेता हमेशा अपने निजी हितों और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को साधने में लगे रहते हैं। इन लोगों ने कभी भी जमीनी स्तर पर आम बिहारियों के कल्याण, उनकी मूल समस्याओं और राज्य के वास्तविक विकास के लिए कुछ नहीं सोचा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ बड़े-बड़े भाषण देने और चुनावी प्रबंधन की बातें करने से बिहार का भला नहीं होने वाला है, इसके लिए राज्य के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता और सेवा भाव की जरूरत होती है।