Bihar News: बांकीपुर उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद राजद ने अपने सभी संगठन इकाईयों को भंग कर दिया है। राजद के इस फैसले पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य की प्रतिक्रिया सामने आई है। रोहिणी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि, ये निर्णय काफी पहले लिया जाना चाहिए था।
रोहिणी आचार्य का पोस्ट
रोहिणी आचार्य ने अपनी पोस्ट में लिखा, पार्टी की जिन इकाईयों-प्रकोष्ठों को भंग करने का जो निर्णय कल लिया गया, ये निर्णय काफी पहले लिया जाना चाहिए था। साथ ही उन्होंने यह उम्मीद जताई है कि नई इकाईयों के पुनर्गठन में कट्टर लालूवादियों, सालों से पार्टी के साथ पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ खड़े कार्यकर्ताओं-संगठन की समझ रखने वालों और जमीन से जुड़े जुझारू लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
रोहिणी आचार्य ने आगे लिखा, जमीन से जुड़े लोगों, सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक तौर पर हाशिए पर खड़े लोगों को आगे लाना, कार्यकर्ताओं को उचित अवसर व् अहोदा देना ही सदैव लालू यादव की प्राथमिकता रही है और सिर्फ लालू के सिद्धांतों, उनके दिखाए गए रास्ते पर चल कर ही पार्टी की बेहतरी संभव है।
जल्द ही नई टीम का ऐलान करेगा राजद
गौरतलब है कि बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद राजद ने अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने के लिए एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव से विचार-विमर्श करने के बाद कल गुरुवार को तत्काल प्रभाव से राजद बिहार की प्रदेश से लेकर पंचायत स्तर की सभी सांगठनिक इकाइयों को भंग कर दिया है। इस संबंध में पार्टी की ओर से आधिकारिक आदेश भी जारी किया गया है। जल्द ही नई टीम का ऐलान किया जाएगा।
कहा जा रहा है कि राजद जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को पहले से अधिक मजबूत और धारदार बनाने के लिए युवाओं और पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को नए सिर से जिम्मेदारी और स्थान देने को लेकर यह कड़ा फैसला लिया है।
भाजपा ने क्या कहा?
राजद द्वारा अपने सभी संगठन इकाईयों को भंग किए जाने पर भाजपा की प्रतिक्रिया सामने आई है। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि, बिहार से आरजेडी का सुपड़ा साफ हो चुका है। तेजस्वी को अब दूर-दूर तक बिहार से कोई मतलब नहीं है, बिहार की समस्या से नहीं है, बिहार वासियों से कोई मतलब नहीं है। इसलिए तो पिछले विधानसभा चुनाव में सुपड़ा साफ हुआ।
संजय सरावगी ने तंज कसते हुए कहा कि, महीनों-महीनों तेजस्वी विदेश में रहते हैं, ठंडी हवा खाकर फिर आते हैं, फिर दो-चार-पांच दिन मीडिया में छपेंगे, अब फिर गायब हो जाएंगे। उन्हें कोई मतलब है क्या?
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