कुंदन कुमार/पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के स्थापना दिवस (5 जुलाई) को लेकर बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने आधिकारिक तारीख से चार दिन पहले ही, यानी 1 जुलाई को ही पटना स्थित कार्यालय में स्थापना दिवस समारोह आयोजित कर लिया। इस जल्दबाजी ने न केवल चर्चाओं को जन्म दिया है बल्कि विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को तेजस्वी यादव पर निशाना साधने का मौका भी दे दिया है।
भाजपा का तीखा हमला
भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने इस आयोजन पर कटाक्ष करते हुए इसे ‘परिवारवादी स्वार्थ’ से प्रेरित बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के असली स्थापना दिवस को पहले मनाने के पीछे का कारण तेजस्वी यादव की व्यक्तिगत प्राथमिकताएं हैं। कुंतल कृष्ण ने तंज कसते हुए कहा तेजस्वी यादव को इस भीषण गर्मी में बिहार छोड़कर ‘हिल स्टेशन’ पर जाकर आराम करना है, इसलिए उन्होंने अपनी सुविधानुसार स्थापना दिवस समारोह को चार दिन पहले ही निपटा लिया।
लालू परिवार बिहार के लिए अभिशाप
भाजपा प्रवक्ता यहीं नहीं रुके। उन्होंने सीधे लालू परिवार को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह परिवार बिहार की प्रगति के लिए अभिशाप बन चुका है। उन्होंने कहा कि जनता तेजस्वी यादव की कार्यशैली और उनकी मंशा को भली-भांति जानती है, इसीलिए राज्य की जनता ने उन्हें सिरे से खारिज कर दिया है।
कार्यकर्ताओं को दी सलाह
कुंतल कृष्ण ने राजद के समर्पित कार्यकर्ताओं और नेताओं को एक नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि राजद नेतृत्व केवल अपने परिवार के भविष्य और स्वार्थ के बारे में सोचता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस परिवारवादी सोच से बाहर निकलें। उन्होंने कहा जो लोग अपने निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर नहीं सोच सकते उन पर भरोसा करना कार्यकर्ताओं के लिए घातक है। अपनी भलाई चाहते हैं तो ऐसे लोगों से पल्ला झाड़ लेना ही बेहतर है।
सियासी गलियारों में चर्चा
राजद का यह कदम अब राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। जहां एक ओर इसे पार्टी की रणनीतिक व्यवस्था बताया जा रहा है वहीं दूसरी ओर भाजपा इसे तेजस्वी यादव की जिम्मेदारी से भागने और परिवार-केंद्रित राजनीति का एक और उदाहरण बता रही है। बहरहाल, स्थापना दिवस के इस आयोजन ने राज्य की राजनीति में गर्मी बढ़ा दी है और अब सबकी नजरें तेजस्वी यादव की आगामी यात्राओं और पार्टी की अगली रणनीति पर टिकी हैं।

