कुंदन कुमार/पटना। बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आरजेडी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने पुलिस प्रशासन पर सुरक्षा को लेकर भेदभाव करने और तथ्यों को छुपाने का आरोप लगाया है।
सुरक्षा में कटौती पर संशय
राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से जानकारी दी है कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लिए पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। हालांकि, इस दावे में स्पष्टता का अभाव है। शक्ति सिंह ने सवाल उठाया कि क्या उनकी सुरक्षा में पहले के मुकाबले कोई कटौती की गई है? प्रशासन को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि मौजूदा सुरक्षा का स्वरूप क्या है और इसमें किन बदलावों को अंजाम दिया गया है।
लालू यादव की सुरक्षा पर मौन क्यों?
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का जिक्र करते हुए शक्ति सिंह यादव ने कहा कि लालू यादव देश के बड़े राजनेता हैं और उनके कार्यक्रमों में जनसैलाब उमड़ता है। इसके बावजूद, पुलिस मुख्यालय की ओर से उनकी सुरक्षा को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि लालू यादव को पूर्व में दी गई सुरक्षा बरकरार है या उसमें कोई बदलाव किया गया है। प्रशासन की चुप्पी कई तरह के संदेह पैदा कर रही है।
सुरक्षा का राजनीतिकरण
शक्ति सिंह यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष का होना लोकतंत्र की प्रक्रिया है, लेकिन इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि सुरक्षा के मामले में भेदभाव किया जाए। राजद ने मांग की है कि पुलिस मुख्यालय उन मापदंडों को सार्वजनिक करे, जिनके आधार पर सुरक्षा का निर्धारण किया गया है।
क्या मापदंडों का हो रहा पालन?
राजद प्रवक्ता ने चुनौती दी है कि पुलिस मुख्यालय यह स्पष्ट करे कि क्या सुरक्षा मुहैया कराने वाले तय मानकों का ईमानदारी से पालन किया जा रहा है, या फिर यह पूरी व्यवस्था बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि जननेताओं की सुरक्षा के साथ समझौता करना सरकार की गैर-जिम्मेदाराना नीति को दर्शाता है। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस मांग पर क्या प्रतिक्रिया देता है।

