राष्ट्रीय लोकदल के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामाशीष राय ने अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी को भेजे पत्र में गिरते लोकतांत्रिक मूल्यों, धनबल और परिवारवाद का हवाला दिया है।
लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) को उत्तर प्रदेश में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामाशीष राय ने अपने पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को भेज दिया है।
संगठन विस्तार और आभार का उल्लेख
अपने इस्तीफे में डॉ. रामाशीष राय ने लिखा कि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार संगठन को मजबूत बनाने का प्रयास किया। उन्होंने प्रदेशभर का दौरा किया, कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित किया और संगठन के विस्तार के लिए लगातार काम किया। इसके लिए उन्होंने जयंत चौधरी का आभार भी जताया।
वैचारिक कारणों का दिया हवाला
इसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने के पीछे वैचारिक कारण गिनाए। राय ने कहा कि वह लोकनायक जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति आंदोलन से प्रेरित होकर राजनीति में आए थे। हालांकि, आज देश की राजनीति में लोकतांत्रिक मूल्यों की जगह धनबल, परिवारवाद और प्रभावशाली वर्गों का दबदबा बढ़ता जा रहा है।
त्यागपत्र में उन्होंने लिखा कि समाज को जाति और संप्रदाय के आधार पर बांटने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। किसान अपनी उपज का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहा है, युवा बेरोजगारी से जूझ रहा है और शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक न्याय के मुद्दों पर निराशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सामाजिक विभाजन और जातीय उन्माद लोकतंत्र तथा राष्ट्रीय एकता के लिए घातक हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी का जिक्र
डॉ. राय ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भी उल्लेख करते हुए लिखा कि उन्होंने राजनीति और चुनाव में बढ़ते धनबल को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया था। उनके अनुसार आज वैचारिक राजनीति की जगह आर्थिक शक्ति और परिवारवाद हावी हो गया है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को लगातार नुकसान पहुंच रहा है।
पत्र के अंत में उन्होंने कहा कि संविधान, लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर बढ़ते खतरे तथा अपने वैचारिक और नैतिक कारणों से वह राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।


