दीपक कौरव, नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में विकास के दावों की पोल उस वक्त खुल गई जब तेंदूखेड़ा से सहजपुर तक 22 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क महज 4 महीने में उखड़ गई। MPRDC की देखरेख में बनी यह सड़क भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ चुकी है। डामर पूरी तरह गायब है और सड़क पर जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं।

जंगल में निर्माण न होने पर सड़क खस्ताहाल होने की वजह से घंटों लंबा भीषण जाम लग गया। कई गाड़ियां गड्ढों में फंसी रहीं और मुसाफिर हलकान होते रहे। जब प्रशासन और ठेकेदार ने आंखें मूंद लीं, तो वाहन चालकों और ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला। चंदा जुटाया गया और अपने पैसों से मुरम डलवा कर जाम खुलवाया गया।

करोड़ों का बजट ठिकाने लग गया और जनता गड्ढों में हिचकोले खाने को मजबूर है। सवाल यह है कि 22 करोड़ की सड़क का यह हाल करने वाले ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों पर गाज कब गिरेगी?”
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