अनिल मालवीय, इछावर। तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं, लेकिन कभी-कभी वो व्यवस्था के मुंह पर ऐसा तमाचा जड़ती हैं, जिसकी गूंज दूर तक सुनाई देती है। सीहोर जिले के इछावर से आई ये तस्वीरें सिर्फ हैरान नहीं करतीं, बल्कि अंदर तक झकझोर देती हैं। इछावर नगर परिषद जिन दावों की पीठ थपथपाते नहीं थक रही थी, वो दावे आज इछावर के मुख्य मार्ग पर घुटनों तक भरे पानी में तैरते नजर आए। प्रशासन की इस लापरवाही और जनता की बेबसी को आवाज देने के लिए एक कांग्रेस पार्षद ने विरोध का ऐसा अनोखा और चुभता हुआ रास्ता चुना, जिसने हर देखने वाले को सोचने पर मजबूर कर दिया।
जब सड़क बनी नदी तो नाव लेकर उतरे जनप्रतिनिधि
सोचिए, जिस मुख्य मार्ग पर एंबुलेंस, गाड़ियां और पैदल चलने वाले लोग गुजरने चाहिए, वहां अगर कोई शख्स रबर के ट्यूब को नाव बनाकर तैरने लगे, तो मंजर कितना दर्दनाक होगा। इछावर की मुख्य सड़क पर जब घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया, तो कांग्रेस पार्षद ने इसी पानी के बीचों-बीच ट्यूब पर बैठकर अपना रोष जाहिर किया। यह सिर्फ एक राजनीतिक विरोध नहीं था; यह उस आम आदमी का चीखता हुआ दर्द था, जो हर साल टैक्स भरने के बाद भी अपनी ही चुनी हुई सरकार और प्रशासन के सामने बेबस खड़ा रहता है।
कागजी दावों की ‘बाढ़’ में डूबा इछावर
लाखों का बजट, कागजों पर नाले साफ और जमीन पर ये सैलाब! आखिर कब तक इछावर की जनता इस लापरवाही की कीमत अपनी जेब और सहूलियत से चुकाएगी?” हर मानसून से पहले ड्रेनेज सिस्टम और नालों की सफाई के नाम पर लाखों के बिल पास होते हैं। लेकिन इछावर की इस सड़क ने साबित कर दिया कि वो तैयारियां सिर्फ फाइलों तक महदूद थीं। आज मुख्य मार्ग का पानी दुकानों और घरों की दहलीज लांघने को आमादा है। राहगीर परेशान हैं, व्यापारी खून के आंसू रो रहे हैं, और जिम्मेदार अधिकारी शायद बंद कमरों में बैठकर इस तमाशे के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं।
सिस्टम की रीढ़ पर चोट करता जल-सत्याग्रह
पार्षद का यह अनोखा अंदाज सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि अगर शहर के मुख्य मार्ग का यह हाल है, तो उन तंग गलियों और गरीब बस्तियों का क्या आलम होगा जहाँ कैमरे की नजर भी नहीं पहुंच पाती? जवाबदेही पर बड़ा सवाल है कि मानसून से पहले जो मेंटेनेंस का बजट जारी हुआ, वो किसकी जेब में गया? क्या इछावर की जनता को हर साल इसी तरह जल-कैदी बनकर रहना होगा, इस अनोखे ट्यूब प्रदर्शन के बाद भी क्या अफसरों की नींद टूटेगी या जनता यूं ही तैरती रहेगी? यह तैरता हुआ ट्यूब गवाह है कि इछावर की जनता का सब्र अब पानी के स्तर से भी ऊपर जा चुका है। अब देखना यह है कि इस तीखे विरोध के बाद प्रशासन जागता है या फिर अगली बारिश में इछावर को एक नए टापू में तब्दील होने के लिए छोड़ दिया जाता है।
क्या है पूरा मामला
मंगलवार दोपहर में हुई जोरदार बारिश ने एक बार फिर नगर के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी है। करीब आधा घंटे हुई झमाझम बारिश के कारण अधिकांश सड़कें जलाशय में तब्दील हो गई। निकासी के अभाव में नालियों का पानी कई घर और दुकानों में घुस गया। इससे रहवासी व दुकानदारों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं निचली बस्तियों और सड़कों पर हुएं जलभराव मे वार्ड नंबर 15 के कांग्रेस पार्षद जुनेद खान ने ट्यूब डालकर तैराकी कर नगर परिषद के खिलाफ प्रदर्शन किया।
मंगलवार को हुई बारिश एक बार फिर नगरवासियों के लिए आफत बन गई। दरअसल नाला और नालियों की समुचित सफाई नहीं होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाई। इसके चलते बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया। जिससे वार्ड नंबर 15 के कांग्रेस पार्षद जुनैद खान ट्यूब डालकर तैराकी कर प्रदर्शन किया है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

