रोहतक। रोहतक में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे 26 वर्षीय युवक की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। लाढ़ौत फाटक के पास रविवार शाम रमन ने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। रमन मूल रूप से पानीपत का रहने वाला था और पढ़ाई पूरी करने के बाद रोहतक में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। परिवार का आरोप है कि उसकी मौत के पीछे दोस्तों की ओर से दी जा रही कथित धमकियां और दबाव जिम्मेदार हैं।

रमन शीला बाईपास के आसपास स्थित पीजी में रह रहा था। उसने बीएससी फार्मेसी की पढ़ाई की थी। परिजनों के मुताबिक, पढ़ाई के बाद उसका लक्ष्य सरकारी नौकरी हासिल करना था और वह इसी की तैयारी में जुटा हुआ था। रविवार शाम वह लाढ़ौत फाटक के पास पहुंचा और वहां ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलने पर जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। सूचना मिलने के बाद रमन के परिवार वाले भी रोहतक पहुंचे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि घटना से पहले रमन के मोबाइल फोन से उन्हें एक संदेश मिला था। इसके साथ उसके दोस्तों की कथित धमकियों की रिकॉर्डिंग भी भेजी गई थी।

परिवार का कहना है कि रिकॉर्डिंग में रमन को धमकाए जाने की बात सामने आती है। परिजनों का आरोप है कि दोस्तों की ओर से बनाए जा रहे दबाव के कारण रमन काफी परेशान था और इसी मानसिक दबाव में उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।

मामले में जीआरपी ने परिजनों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तीन लोगों को नामजद किया है। जांच अधिकारी भारती के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब रमन के मोबाइल फोन की जांच करेगी और परिवार को भेजी गई रिकॉर्डिंग को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।

जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि रमन और नामजद लोगों के बीच किस बात को लेकर विवाद था, रिकॉर्डिंग में किस तरह की धमकी दी गई थी और क्या घटना से पहले रमन पर किसी प्रकार का दबाव बनाया जा रहा था। मोबाइल से मिलने वाली जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। तीनों नामजद आरोपियों से पूछताछ भी जांच के तथ्यों के आधार पर की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।