Lifestyle Desk- मई-जून की तपती गर्मी में एयर कूलर मिडल क्लास परिवारों के लिए राहत का सबसे बड़ा साधन होता है. एसी हर किसी के बजट में नहीं होता, इसलिए ज्यादातर घरों में कूलर ही गर्म हवाओं से बचाने का काम करता है. लेकिन कई बार लोग शिकायत करते हैं कि कूलर चलाने के बावजूद कमरे में ठंडक महसूस नहीं होती. हवा तो आती है, लेकिन साथ में घुटन, भारीपन और त्वचा पर चिपचिपाहट भी बढ़ जाती है.

असल में इसका कारण हमेशा खराब कूलर नहीं होता, बल्कि हमारी रोजमर्रा की कुछ गलतियां होती हैं. कूलर पानी के वाष्पीकरण यानी evaporation के सिद्धांत पर काम करता है. अगर कमरे में सही वेंटिलेशन न हो या नमी ज्यादा हो जाए, तो कूलर ठंडक देने की बजाय कमरे को उमस भरा बना देता है. आइए जानते हैं वे 5 बड़ी गलतियां, जो कूलर की हवा को चिपचिपा बना देती हैं.

कमरे को पूरी तरह बंद रखना

बहुत से लोग सोचते हैं कि कूलर चलाते समय कमरे के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने से ज्यादा ठंडक मिलेगी. जबकि कूलर एसी की तरह काम नहीं करता. कूलर को सही तरीके से काम करने के लिए फ्रेश एयर सर्कुलेशन जरूरी होता है. यदि कमरा पूरी तरह बंद रहेगा तो नमी बाहर नहीं निकल पाएगी और कमरा उमस से भर जाएगा. इसलिए हमेशा एक खिड़की या वेंट थोड़ा खुला रखें.

जरूरत से ज्यादा पानी भरना

कुछ लोग मानते हैं कि ज्यादा पानी डालने से ज्यादा ठंडी हवा मिलेगी. लेकिन लगातार भरे टैंक और जरूरत से ज्यादा नमी कमरे में ह्यूमिडिटी बढ़ा देती है. इससे हवा भारी और चिपचिपी लगने लगती है. कूलर में उतना ही पानी रखें जितना आवश्यक हो और समय-समय पर टैंक साफ भी करें.

कूलर को गलत जगह पर रखना

अगर कूलर को कमरे के कोने में या बंद जगह पर रख दिया जाए तो उसे पर्याप्त ताजी हवा नहीं मिलती. इससे cooling efficiency कम हो जाती है. कूलर को हमेशा खिड़की या ऐसे स्थान के पास रखें जहां बाहर की हवा आसानी से अंदर आ सके. इससे हवा का फ्लो बेहतर रहेगा और ठंडक ज्यादा महसूस होगी.

कूलिंग पैड्स की सफाई न करना

कूलर के पैड्स में धूल, मिट्टी और गंदगी जम जाने से पानी सही तरीके से सर्कुलेट नहीं हो पाता. इससे हवा में बदबू और नमी दोनों बढ़ जाती हैं. कई बार लोग पूरे सीजन पैड्स साफ ही नहीं करते. बेहतर कूलिंग के लिए हर 15-20 दिन में पैड्स की सफाई करें और जरूरत पड़ने पर उन्हें बदल भी दें.

बहुत ज्यादा humid मौसम में लगातार कूलर चलाना

बारिश से पहले या उमस भरे दिनों में हवा में पहले से काफी नमी होती है. ऐसे मौसम में लगातार कूलर चलाने से कमरा और ज्यादा ह्युमिड हो जाता है. ऐसे समय में फैन मोड का इस्तेमाल करना बेहतर होता है या कुछ देर के लिए कूलर बंद कर देना चाहिए.

अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें तो कूलर सिर्फ हवा नहीं, बल्कि असली राहत देगा. सही वेंटिलेशन , नियमित सफाई और सही इस्तेमाल से कूलर की कूलिंग कई गुना बेहतर हो सकती है और गर्मी में भी कमरा ठंडा और आरामदायक महसूस होगा.