Business Desk – Rupee-Dollar Rate : भारतीय रुपया 13 अगस्त को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे कमजोर होकर 95.40 रुपए प्रति डॉलर पर आ गया। Forex Market में निवेशकों की धारणा कमजोर बनी हुई है। बाजार में US-Iran Tension और Strait of Hormuz को लेकर बढ़ते तनाव का असर रुपये पर दिखाई दे रहा है।

Interbank Foreign Exchange Market में रुपया 95.40 प्रति डॉलर पर खुला। इससे पहले बुधवार को भारतीय मुद्रा 95.33 प्रति डॉलर पर बंद हुई थी। यानी शुरुआती कारोबार में रुपये में 7 पैसे की गिरावट दर्ज की गई।
US-Iran तनाव से बाजार की चिंता बढ़ी
Foreign Exchange Traders के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध खत्म होता नहीं दिख रहा है। ईरान ने 2029 तक Strait of Hormuz को बंद रखने की चेतावनी दी है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का कहना है कि होर्मुज पर अमेरिका का नियंत्रण है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के प्रमुख Oil Supply Routes में शामिल है। ऐसे में यहां तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों को लेकर बाजार में चिंता बढ़ सकती है। इसका असर Emerging Markets की मुद्राओं पर भी पड़ सकता है।
Dollar Index 100 के पार
दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापने वाला Dollar Index 100.01 पर रहा। डॉलर में मजबूती रहने से रुपये जैसी Emerging Market Currencies पर दबाव बढ़ सकता है।
Sensex और Nifty भी गिरावट में
रुपये में कमजोरी के बीच घरेलू Stock Market में भी शुरुआती कारोबार में गिरावट रही। Sensex 152.97 अंक टूटकर 77,813.38 के स्तर पर आ गया। वहीं Nifty 84.80 अंक की गिरावट के साथ 24,351.15 पर कारोबार कर रहा था। बाजार में कमजोरी के बीच विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी एक अहम फैक्टर बनी हुई है।
FII ने 1,002 करोड़ रुपए के शेयर बेचे
Stock Market Data के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में नेट 1,002.50 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। Foreign Investors की लगातार बिकवाली से घरेलू बाजार में Liquidity और Sentiment पर असर पड़ सकता है। निवेशकों की नजर अब आगे FII Flow और Global Market Trends पर बनी रहेगी।
Crude Oil Price 87.89 डॉलर प्रति बैरल
इस बीच International Oil Benchmark Brent Crude Futures 1.22% गिरकर 87.89 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि कच्चे तेल की कीमत अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है। इसलिए Crude Oil Price और Rupee-Dollar Rate दोनों का असर देश के Import Bill, Inflation और कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है।
अब रुपये के लिए कौन से फैक्टर अहम?
आने वाले कारोबार में US-Iran Tension, Strait of Hormuz, Dollar Index, Crude Oil Price, FII Selling और Stock Market Trend रुपये की दिशा तय करने वाले प्रमुख फैक्टर रहेंगे। फिलहाल रुपया 95.40 प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बाजार की नजर इस बात पर होगी कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय मुद्रा दिन के अंत तक किस स्तर पर बंद होती है।


