विकास कुमार, सहरसा। जिले में बैंक कर्मियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों और नीतियों के विरोध में आंदोलन के तेवर और अधिक तीखे कर दिए हैं। देश भर के बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रमुख संगठनों के साझा मंच ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस’ (UFBU) के आह्वान पर बैंकिंग सेक्टर में बड़े पैमाने पर कामकाज ठप रहने की संभावना है। संगठनों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर सरकार और प्रबंधन ने जल्द ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में आम जनता को भारी बैंकिंग परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

हड़ताल के चरण और महत्वपूर्ण तारीख
यूनियन के तय किए गए कार्यक्रमों के अनुसार, आंदोलन की शुरुआत सितंबर महीने के मध्य से होगी और यह अक्टूबर के अंत तक एक बड़े संकट का रूप ले सकता है।
- 11 सितंबर 2026: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आज यानी 11 सितंबर को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल बुलाई गई है, जिसके कारण देश भर के साथ-साथ सहरसा में भी बैंक शाखाओं के ताले बंद हैं।
- 28, 29 और 30 सितंबर 2026: एक दिवसीय हड़ताल के बाद भी यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो महीने के अंत में लगातार तीन दिनों यानी 28, 29 और 30 सितंबर को अखिल भारतीय स्तर पर तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल की जाएगी।
- 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल: बैंक यूनियनों ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि इसके बावजूद उनकी जायज मांगों पर कोई उचित या सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी 26 अक्टूबर से देश भर के बैंककर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगें
बैंक कर्मचारी संगठनों का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से कागजों पर ही अटकी हुई हैं, जिन पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है। यूनियनों की मुख्य मांगों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- पांच दिवसीय कार्य सप्ताह: बैंकिंग सेक्टर में तत्काल प्रभाव से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए, जिसकी मांग लंबे समय से की जा रही है।
- जनविरोधी नीतियां वापस हों: सरकारी बैंकों को कमजोर करने, उनकी कार्यप्रणाली को प्रभावित करने और उन्हें निजी हाथों में धकेलने से जुड़ी तमाम नीतियों को तुरंत वापस लिया जाए।
- पीएलआई योजना का विरोध: बैंकिंग क्षेत्र में लाई गई पीएलआई (PLI) योजना को पूरी तरह से वापस लिया जाए, जिसे कर्मचारी अपने और बैंक के हितों के खिलाफ मान रहे हैं।
- लंबित मुद्दों का समाधान: बैंक कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और वित्तीय लंबित मामलों का अविलंब समाधान किया जाए।
आंदोलन को लेकर संगठनों की अपील
इस देशव्यापी और बड़े आंदोलन में बैंक कर्मचारियों के साथ-साथ कई प्रमुख अधिकारी संगठन भी कंधे से कंधا मिलाकर शामिल हो रहे हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के स्थानीय और केंद्रीय नेतृत्व ने सभी बैंक कर्मियों से पूरी तरह एकजुट होने की अपील की है। यूनियनों का मानना है कि अधिकारों की इस लड़ाई को सफल बनाने के लिए हर एक कर्मचारी को इस आंदोलन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। बहरहाल, लगातार होने वाली इन हड़तालों से वित्तीय लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और लोन से जुड़े काम बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं, ऐसे में ग्राहकों को अपने जरूरी वित्तीय कार्य समय से पहले ही निपटा लेने की सलाह दी जाती है।



