सहरसा। शहर के डीबी रोड और शंकर चौक में पटाखा दुकानों पर हुई छापेमारी के मामले में प्रशासन ने पांच कारोबारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। कार्रवाई के दौरान दुकानों से बड़ी मात्रा में अवैध और बिना लाइसेंस नवीकरण वाले पटाखे बरामद किए गए थे। वहीं, जांच में एक दुकानदार का लाइसेंस वर्ष 2029 तक वैध मिलने पर उसे कार्रवाई से राहत दी गई है।

सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी ने बुधवार शाम प्रेस वार्ता में कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कहरा के अंचलाधिकारी एवं प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी निरंजन कुमार मिश्रा ने बुधवार को सदर थाने में पांच कारोबारियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

संयुक्त टीम ने की थी छापेमारी

25 अक्टूबर को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने डीबी रोड और शंकर चौक स्थित पटाखा दुकानों की जांच की थी। इस दौरान कई दुकानों में अवैध रूप से रखे गए और लाइसेंस का नवीकरण नहीं कराने के बावजूद बिक्री के लिए रखे पटाखे मिले। टीम ने कार्रवाई के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग की और जब्त पटाखों की सूची भी तैयार की थी।

छापेमारी के बाद कहरा सीओ ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सदर एसडीएम को सौंपी। रिपोर्ट की समीक्षा के बाद वैध और नवीकृत लाइसेंस नहीं रखने वाले कारोबारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया।

एक दुकानदार को राहत

जांच के दौरान शंकर चौक के दुकानदार रंजय कुमार, पिता हीरालाल प्रसाद, का लाइसेंस वर्ष 2029 तक वैध पाया गया। इसके बाद उन्हें इस मामले में राहत दी गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई लाइसेंस की वैधता और छापेमारी में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।

जब्त पटाखे जिम्मेनामा पर देने की प्रक्रिया

प्रशासन की ओर से जब्त पटाखों को जिम्मेनामा पर सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। जिम्मेनामा के तहत जब्त सामान को निर्धारित शर्तों पर संबंधित व्यक्ति की सुपुर्दगी में दिया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, बिना वैध लाइसेंस या लाइसेंस का नवीकरण कराए विस्फोटक सामग्री का भंडारण और बिक्री गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है।