विकास कुमार/सहरसा। जिले में मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार दूसरे दिन स्कूली बच्चों के बीमार होने की घटना ने प्रशासन और शिक्षा विभाग की नींद उड़ा दी है। ताजा मामला सौरबाजार प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय, मुरचा का है, जहां शुक्रवार को दोपहर का भोजन करने के बाद अचानक बच्चों की स्थिति बिगड़ने लगी।

​भोजन में ‘सांप’ मिलने की खबर से हड़कंप

​स्कूल में भोजन परोसे जाने के कुछ ही देर बाद एक दर्जन से अधिक बच्चों ने पेट दर्द, जी मिचलाने और उल्टी की शिकायत की। देखते ही देखते स्कूल परिसर में चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद बच्चों और उनके अभिभावकों का आरोप है कि परोसी गई सब्जी में सांप का कांटा और उसके शरीर का हिस्सा पाया गया था। यह खबर फैलते ही स्कूल में सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई और आक्रोशित परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।

​अस्पताल में भर्ती, प्रशासन का रुख

​बीमार बच्चों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है। हालांकि, जिला पदाधिकारी (DM) ने सांप मिलने के दावों को शुरुआती जांच में ‘अफवाह’ करार दिया है। डीएम के अनुसार, कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ी जरूर थी, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश को घर भेज दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि घबराहट (पैनिक) के कारण भी बच्चों की स्थिति बिगड़ी हो सकती है।

​लगातार दूसरे दिन हुई घटना

​गौरतलब है कि सहरसा में यह लगातार दूसरा दिन है जब मिड-डे मील ‘जहर’ साबित हुआ है। इससे ठीक एक दिन पहले, गुरुवार को महिषी प्रखंड के मध्य विद्यालय, बलुआहा में भी भोजन करने के बाद 25 से अधिक बच्चे बीमार पड़े थे। 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग प्रखंडों में हुई इन घटनाओं ने मिड-डे मील की निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है।

​जांच और कार्रवाई की मांग

​प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भोजन के नमूनों को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया है। इधर, स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। उनकी मांग है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले एनजीओ या संबंधित अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल, सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।