साहिबगंज। साहिबगंज शहर में बाढ़ का पानी अब रिहायशी इलाकों से आगे बढ़कर साहिबगंज कॉलेज के हॉस्टल तक पहुंच गया है। शहर के कई हिस्सों में जलजमाव की स्थिति गंभीर होने के साथ लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। कई घर और प्रमुख इलाके बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। इसी बीच बाढ़ के पानी के साथ सांप और बिच्छुओं के निकलने की खबर से लोगों में डर का माहौल है।
शहर के कई हिस्से पानी में डूबे
भाजपा नेता अमित सिंह ने दावा किया है कि उनके आवास के आसपास के वार्ड 11, 13, 14, 17 और 18 में बाढ़ का पानी घुस चुका है। इसके अलावा शहर के पश्चिमी हिस्से के तीन-चार अन्य वार्ड भी प्रभावित बताए गए हैं।उनके मुताबिक भारतीय कॉलोनी, महिला कॉलेज के आसपास का क्षेत्र, पुरानी साहिबगंज और नया टोला में भी पानी पहुंच गया है।
हॉस्टल में पानी भरने से छात्रों की बढ़ी चिंता
बाढ़ का पानी साहिबगंज कॉलेज के पिछले हिस्से में भी पहुंच गया है। बताया गया है कि कॉलेज हॉस्टल के अंदर भी पानी प्रवेश कर चुका है।हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के सामने अब रहने के साथ भोजन की समस्या भी खड़ी हो सकती है। कॉलेज परिसर के आसपास पानी जमा होने से छात्रों और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है।
जलभराव के बीच जहरीले जीवों का खतरा
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी के साथ सांप और बिच्छुओं के निकलने की बात सामने आ रही है। घरों और गलियों में पानी जमा होने के कारण लोगों को जहरीले जीव-जंतुओं का डर सता रहा है।ऐसे में प्रशासन के सामने केवल जलनिकासी ही नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी बड़ी चुनौती बन गई है।
राहत सामग्री और रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने की मांग
भाजपा नेता अमित सिंह ने जिला प्रशासन से बाढ़ प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत सामग्री पहुंचाने और बचाव अभियान तेज करने की मांग की है।
उन्होंने कहा है कि जिन इलाकों में पानी प्रवेश कर चुका है, वहां गरीब और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर मदद उपलब्ध कराई जाए।
बाढ़ प्रभावित स्कूलों को बंद कराने की अपील
अमित सिंह ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए शहर के बाढ़ प्रभावित सरकारी और निजी स्कूलों को एहतियातन बंद कराने की मांग भी की है।उनका कहना है कि जलभराव वाले इलाकों में बच्चों की आवाजाही जोखिम भरी हो सकती है, इसलिए स्थिति सामान्य होने तक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रशासन की चुनौती बढ़ी
शहर के रिहायशी इलाकों और शिक्षण संस्थानों तक पानी पहुंचने के बाद अब राहत और बचाव व्यवस्था पर लोगों की नजर है। प्रभावित इलाकों में सुरक्षित आवागमन, राहत सामग्री, जलनिकासी और जहरीले जीवों से सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाना जरूरी हो गया है।



