Salumber News: राजस्थान के सलूंबर जिले के लसाड़िया इलाके से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां लालपुरा गांव में पिछले दिनों एक रहस्यमयी बीमारी ने 5 मासूम बच्चों की जान ले ली।

शनिवार दोपहर करीब 1 बजे जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचे, तो वहां का माहौल गमगीन हो गया। जूली ने साफ़ कहा कि अगर समय रहते सरकार जाग जाती और बच्चों को बेहतर इलाज मिलता, तो आज ये नौबत नहीं आती। प्रशासन की लापरवाही पर उन्होंने मौके से ही अधिकारियों की क्लास ले ली।

मौके से ही सेक्रेटरी को लगाया फोन, पूछे तीखे सवाल

लालपुरा गांव में परिजनों का दर्द सुनने के बाद टीकाराम जूली ने सीधे स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव गायत्री राठौड़ को फोन मिला दिया। जूली ने तल्ख लहजे में पूछाव लसाड़िया में बच्चों की मौत के मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है? क्या आपके विभाग को इस रहस्यमयी बीमारी के असली कारणों का पता चला है या अब भी अंधेरे में तीर चला रहे हैं?” उन्होंने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि इस मामले में किसी भी लापरवाह अफसर को छोड़ा नहीं जाएगा।

सरकार को सिर्फ वोटों से मतलब, अपनों को खो रहे आदिवासी

परिजनों के बीच करीब आधा घंटा रुके जूली ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि इतने मासूमों की जान चली गई, लेकिन अब तक मुख्यमंत्री राहत कोष से एक रुपया भी सहायता नहीं मिली है। जूली ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष का कोई बड़ा नेता अब तक पीड़ितों के आंसू पोंछने यहां नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा, आदिवासी क्षेत्र के विकास का बजट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है और विधानसभा में मंत्री सिर्फ जांच का झुनझुना पकड़ाते हैं।

स्टाफ की कमी और सड़कों के बुरे हाल पर घेरा

जूली ने ग्राउंड रिपोर्ट देते हुए बताया कि लसाड़िया जैसे ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों पर स्टाफ ही नहीं है। उन्होंने कहा कि न तो नरेगा का भुगतान समय पर हो रहा है और न ही शिक्षा की कोई व्यवस्था है। जूली के साथ पूर्व विधायक नगराज मीणा, सांसद प्रत्याशी ताराचंद मीणा और जिला अध्यक्ष परमानंद मेहता भी मौजूद रहे। टेकण और कूण गांव पहुंचने पर पीसीसी सदस्य जगजीतेंद्र सिंह शक्तावत ने उन्हें क्षेत्र की जर्जर सड़कों और टीएसपी बजट के दुरुपयोग का ज्ञापन सौंपा।

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