रोहित कश्यप, मुंगेली। देशभर में इन दिनों तिरंगा अभियान को लेकर उत्साह का माहौल है। जगह-जगह तिरंगा यात्राएं, ध्वजारोहण और राष्ट्रभक्ति से जुड़े आयोजन किए जा रहे हैं। ऐसे समय में मुंगेली विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, झझपुरीखुर्द में पदस्थ शिक्षक एलबी पीताम्बर दास मानिकपुरी की पहल विशेष रूप से चर्चा का विषय बन रही है।
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जरहगांव नगर पंचायत में रहने वाले पीताम्बर दास करीब दो वर्षों से अपने घर की छत पर प्रतिदिन नियमित रूप से तिरंगा फहराते आ रहे हैं। शिक्षक की दिनचर्या में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और अनुशासन का विशेष स्थान है। वे हर सुबह करीब 8 बजे अपने घर की छत पर विधिवत ध्वजारोहण करते हैं, और शाम को नियमानुसार ध्वज को सम्मानपूर्वक उतारते हैं। इस दौरान वे राष्ट्रध्वज से जुड़े सभी निर्धारित नियमों का पालन करने का विशेष ध्यान रखते हैं।

बचपन से स्काउट-गाइड से जुड़ाव
शिक्षक पीताम्बर दास मानिकपुरी का तिरंगे और राष्ट्रसेवा के प्रति यह लगाव अचानक शुरू नहीं हुआ है। वे बचपन से ही स्काउट-गाइड गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। स्काउटिंग के माध्यम से उनमें अनुशासन, सेवा, राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना मजबूत हुई। यही कारण है कि आज भी वे राष्ट्रध्वज को केवल एक प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि देश के गौरव और सम्मान का प्रतीक मानते हुए पूरी निष्ठा के साथ उसके सम्मान का पालन करते हैं।

पीताम्बर दास स्काउट के राष्ट्रीय स्तर के मास्टर ट्रेनर भी हैं। स्काउटिंग के क्षेत्र में उनके योगदान और उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी यह उपलब्धि उनके लंबे समय से चले आ रहे स्काउटिंग अनुभव और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
परिवार भी बनता है इस पहल का हिस्सा
शिक्षक की इस दैनिक परंपरा में कई बार उनके परिवार के सदस्य भी शामिल होते हैं। सुबह जब घर की छत पर तिरंगा फहराया जाता है, तो परिवार के सदस्य भी उनके साथ मौजूद रहते हैं। इस तरह राष्ट्रध्वज के सम्मान की यह भावना केवल उनके व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों तक भी पहुंच रही है।
दो साल से लगातार निभा रहे परंपरा
आम तौर पर राष्ट्रीय पर्वों और विशेष अवसरों पर घरों में तिरंगा फहराया जाता है, लेकिन शिक्षक एल.बी. ने इसे केवल किसी खास दिन तक सीमित नहीं रखा। वे लगातार करीब दो वर्षों से प्रतिदिन तिरंगा फहराने की परंपरा निभा रहे हैं। मौसम कोई भी हो और दिन सामान्य हो या विशेष, उनकी दिनचर्या में राष्ट्रध्वज को सम्मान देना शामिल है।
उनका कहना है कि देशभक्ति केवल विशेष अवसरों पर दिखाई देने वाली भावना नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन में भी उतारना चाहिए। राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और उससे जुड़े नियमों का पालन इसी भावना का हिस्सा है।

तिरंगा अभियान के बीच बनी प्रेरणादायी पहल
वर्तमान में चल रहे तिरंगा अभियान के बीच शिक्षक एल.बी. की यह पहल लोगों को विशेष रूप से प्रेरित कर रही है। जहां तिरंगा अभियान लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने का माध्यम बन रहा है, वहीं शिक्षक द्वारा पिछले दो वर्षों से लगातार किया जा रहा दैनिक ध्वजारोहण यह संदेश देता है कि राष्ट्रप्रेम किसी अभियान या आयोजन तक सीमित नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा भी हो सकता है।
एक शिक्षक के रूप में वे विद्यालय में बच्चों को शिक्षा देने के साथ-साथ अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को व्यवहार के माध्यम से भी सामने रख रहे हैं। स्काउटिंग से उनका पुराना जुड़ाव, राष्ट्रीय स्तर पर मास्टर ट्रेनर की भूमिका और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित होना उनकी इस सोच को और मजबूती देता है।
मुंगेली के नगर पंचायत जरहागांव निवासी तथा झझपूरी खुर्द में पदस्थ शिक्षक एल.बी. पीताम्बर दास मानिकपुरी,की यह पहल आज तिरंगा अभियान के बीच इसलिए खास बन गई है, क्योंकि वे तिरंगे को केवल किसी विशेष दिन नहीं, बल्कि हर दिन सम्मान के साथ अपने घर की छत पर स्थान दे रहे हैं।
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