समस्तीपुर। जिले में महज 13 धुर जमीन के विवाद में उपद्रवियों ने मानवता की सभी हदें पार कर दीं। चकमहेसी थाना क्षेत्र के माली नगर वार्ड-12 में जमीन के एक टुकड़े पर मकान निर्माण के दौरान कुछ लोगों ने तेजाब (एसिड) से हमला कर दिया। इस खौफनाक वारदात में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें से एक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। पीड़ित युवक को बेहतर इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) रेफर कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
घायल मनोज तिवारी ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि माली नगर की रहने वाली संजू देवी उनकी बुआ हैं। उनके ही पाटीदार (रिश्तेदार) बिंदेश्वर ठाकुर के साथ जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि बिंदेश्वर ठाकुर ने हिस्से से अधिक जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था।
मामले को सुलझाने के लिए स्थानीय स्तर पर एक पंचायत बैठी थी, जिसमें सर्वसम्मति से हुए फैसले और पंचनामा के आधार पर संजू देवी को 13 धुर जमीन वैध रूप से सौंपी गई थी। इस कानूनी और पंचायत के फैसले के तहत संजू देवी उस जमीन पर अपना आशियाना बनवा रही थीं। मकान का निर्माण कार्य लगभग आधा पूरा हो चुका था, तभी यह खौफनाक हमला हुआ।
बाल्टी और बोतलों में भरकर लाया गया था तेजाब
बुधवार की शाम को विवादित पक्ष के बिंदेश्वर ठाकुर अपनी पत्नी रुक्मणी देवी के साथ सीधे निर्माण स्थल पर पहुंच गए। उनके पीछे-पीछे उनके बेटे चंदन कुमार और श्याम कुमार भी अपनी पत्नियों के साथ वहां आ धमके। उनके हाथों में बाल्टी, ग्लास और बोतलों में भरकर खतरनाक एसिड था।
बिना किसी बातचीत के उन लोगों ने निर्माण स्थल पर खड़े बेकसूर लोगों पर तेजाब फेंकना शुरू कर दिया। इस अचानक हुए क्रूर हमले में संजू देवी और उनके पति दयानंद ठाकुर गंभीर रूप से झुलस गए।
दोस्त के शरीर पर उड़ेल दी पूरी बाल्टी
हमलावरों का गुस्सा यहीं नहीं थमा। मनोज तिवारी के साथ आए उनके दोस्त प्रवीण नारायण (जो कि जगत सिंहपुर गांव के रहने वाले रामचंद्र राय के पुत्र हैं) पर तो हमलावरों ने पूरी बाल्टी तेजाब ही उड़ेल दिया। इस बर्बरतापूर्ण हमले में प्रवीण नारायण बुरी तरह झुलस गए और उनकी स्थिति बेहद नाजुक हो गई है।
घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को अफरा-तफरी के माहौल में नजदीकी अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, प्रवीण की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत डीएमसीएच (दरभंगा) रेफर कर दिया। इसके अलावा, बीच-बचाव करने या पास खड़े होने के कारण मनोज तिवारी के शरीर पर भी एसिड के हल्के छींटे पड़े।
पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी (FIR)
इस गंभीर आपराधिक मामले में पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया है। घायल संजू देवी (दयानंद ठाकुर की पत्नी) के आधिकारिक बयान के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी पाटीदार बिंदेश्वर ठाकुर, उनके बेटों चंदन कुमार और श्याम कुमार समेत कुल पांच लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है।
चकमहेसी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है, जिससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक तौर पर यह खूनी संघर्ष केवल 13 धुर जमीन के कब्जे को लेकर उपजे विवाद का परिणाम है। फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और इलाके में तनाव को देखते हुए स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।


