CM Samrat Chaudhary: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राम मंदिर निर्माण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवास योजना को जोड़कर एक ऐसा बयान दिया है, जिसे लेकर विपक्ष बीजेपी पर हमलावर नजर आ रही है। दरअसल सीएम सम्राट चौधरी ने बीते मंगलवार को पटना के पटना के ज्ञान भवन में भाजपा के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ रंगोली कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि, जब मोदी जी करीब पांच करोड़ गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध करा रहे थे, तब प्रभु श्रीराम भी 400 साल से टेंट में इंतजार कर रहे थे कि ‘मोदी जी, हमको घर कब दोगे।’ सीएम सम्राट के इस बयान को बीजेपी नेताओं के अहंकार और प्रभु श्रीराम के अपमान से जोड़कर देखा जा रहा है।

भाजपा ने किया लंबा संघर्ष- सीएम सम्राट

सीएम सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि, भाजपा ने अपने विचारों और संकल्पों के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता बनाए रखी है। उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाने तथा अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी ने अपने संकल्पों को पूरा करने के लिए लंबा संघर्ष किया। तब जाकर अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाया गया। इस दौरान उन्होंने सीतामढ़ी में प्रस्तावित माता सिता मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने के बाद सीतामढ़ी में सीता माता का भव्य मंदिर बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए उन्होंने पीएम मोदी और पूर्व सीएम नीतीश कुमार का आभार जताया।

कांग्रेस ने भाजपा और संघ को बताया हिंदू विरोधी

हालांकि पूरा विवाद सीएम सम्राट चौधरी के उस बयान को लेकर शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने यह कहा कि प्रभु श्रीराम 400 साल से टेंट में इंतजार कर रहे थे कि ‘मोदी जी, हमको घर कब दोगे।’ मुख्यमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, भाजपा, संघ और संघ के सारे आनुषांगिक संगठन हिंदू विरोधी हैं। ये अपने आप को श्रेष्ठता सर्वोच्च मानते हैं और धार्मिक आस्था को उसके अधीन। असित नाथ तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा लंबे समय से धार्मिक आस्था को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत में धर्म और आस्था की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि कुछ लोग अपनी विचारधारा को इनके ऊपर थोपने में सफल नहीं हो पा रहे हैं।

भाजपा और संघ से भारतीय संस्कृति को खतरा- असित नाथ तिवारी

असित नाथ तिवारी ने कहा कि, पहले प्रभु श्रीराम को असहाय बताने की कोशिश की गई, फिर उनके टेंट में रहने का जिक्र हुआ और इसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहारे आगे बढ़ते हुए दिखाया गया। अब खुद को भगवान राम का उद्धारक बताने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति से जुड़ी लड़ाई बताते हुए आरोप लगाया कि संघ और भाजपा की ओर से भारतीय संस्कृति पर हमले पहले से ज्यादा आक्रामक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इनका मजबूती से मुकाबला करना जरूरी है। भारतीय संस्कृति दुनिया की प्राचीन संस्कृतियों में शामिल है और इसे सुरक्षित रखना हर भारतीय का दायित्व है।

‘अस्तित्व को नकारने वोलों को आज हो रही चिंता’

असित नाथ तिवारी के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा कि, तुष्टिकरण की राजनीति के दबाव में राजद और कांग्रेस ने तो प्रभु श्री राम जी के अस्तित्व को ही नकार दिया था। सुप्रीम कोर्ट का हलफनामा याद है। कई 100 वर्षों से हमारे प्रभु टेंट में थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में ही उनका भव्य मंदिर निर्माण हुआ। प्रभु की प्रेरणा से ही करोड़ों राम भक्तों को गरीबों को उनका आवास भी मिला। राम के अस्तित्व को नकारने वालों को आज राम की चिंता हो रही है।

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