कुंदन कुमार, पटना। बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में इन दिनों जलस्तर और बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर लगातार सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में, हाल ही में सीएम सम्राट चौधरी ने वाल्मीकि नगर का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने के बाद उपजे हालात का जायजा लेना और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा करना था।

​वाल्मीकि नगर का दौरा और उच्चस्तरीय बैठक

​वाल्मीकि नगर पहुंचने के बाद सम्राट चौधरी ने सबसे पहले मौके पर मौजूद वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और सिंचाई विभाग के इंजीनियरों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और उससे जुड़ी तमाम बारीकियों पर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों ने उन्हें पल-पल की बदलती स्थिति और वाटर डिस्चार्ज से जुड़े आंकड़ों की पूरी जानकारी दी।

​एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद का हाल

​समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि गंडक बराज से लगभग एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी के जलस्तर में स्वाभाविक रूप से वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों में थोड़ी चिंता जरूर फैल गई थी। हालांकि, उन्होंने जनता को पूरी तरह आश्वस्त किया है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और किसी भी बड़े खतरे की कोई बात नहीं है।

सब कुछ ठीक हो जाएगा, घबराने की जरूरत नहीं

​आम जनता को ढांढस बंधाते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की पैनिक या घबराहट की स्थिति में न आएं। सरकार और प्रशासन हर परिस्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही सब कुछ पूरी तरह से सामान्य हो जाएगा।