पंकज श्रीवास्तव, छपरा। सारण जिले में बाढ़ का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है। हालांकि अभी भी जिले के लगभग आधा दर्जन प्रखंड में बाढ़ का व्यापक असर देखा जा रहा है। जिस जिस जगह पर बाढ़ का पानी कम हो गया है। लेकिन अभी भी मकेर में एन एच 722 मुजफ्फरपुर छपरा हाई वे पर लगभग आधा फीट पानी है, जबकि कई गांव की सड़के कट गई है और बाढ़ के कारण कई घर जमींदोज हो चुके है।

बाढ़ का पानी उतरने वाले इलाकों में जिला प्रशासन द्वारा ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव तथा अन्य उपाय किए जा रहे हैं, जिसके कारण संक्रमण की स्थिति पैदा ना हो। आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त बाढ़ स्थिति रिपोर्ट के अनुसार जिले के 6 प्रखंडों की 42 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव, स्वास्थ्य, पेयजल, पशु चिकित्सा एवं खाद्यान्न आपूर्ति सहित आवश्यक सेवाएं लगातार संचालित की जा रही हैं।

जिले के 6 प्रखंडों की कुल 42 पंचायतों के 236 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। अनुमानित 4,60,963 आबादी तथा 1,04,043 परिवार प्रभावित हैं। निष्क्रमितआबादी की संख्या है 74737। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार चिकित्सा व्यवस्था संचालित की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार 54 चिकित्सा शिविरों में 14012 मरीजों का उपचार किया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चिकित्सा सुविधा एवं चारा वितरण की व्यवस्था की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार 9 पशु चिकित्सा शिविरों के माध्यम से 2727 पशुओं को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई गई है तथा 933.05 क्विंटल चारा वितरित किया गया है। प्रभावित लोगों के लिए 133 सामुदायिक रसोई के माध्यम से 451538 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन एवं राहत-बचाव कार्य के लिए 128 नावों का परिचालन किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 51,413 फूड पैकेट/ड्राई राशन पैकेट वितरित किए गए हैं।

राहत कार्यों के लिए गोदाम में 17,575 पॉलीथिन शीट उपलब्ध हैं। रिपोर्ट के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में 55718 पॉलीथिन शीट का वितरण भी किया गया है। बाढ़ प्रभावित पंचायतों में 254 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों से प्रतिदिन लगभग 8,967 बच्चों को लाभ प्राप्त हो रहा है। बाढ़ प्रभावित 6 प्रखंडों में लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, छपरा द्वारा पेयजल एवं स्वच्छता की व्यवस्था की गई है। इसके तहत 56 पेयजल टैंकर, 82 चापाकल, 193 अस्थायी शौचालय तथा 60 एफआरपी शौचालय की व्यवस्था की गई है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से रेस्क्यू की गई 8 गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य दल द्वारा संस्थागत प्रसव सफलतापूर्वक कराया गया है।जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन एवं बचाव दल द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें तथा आवश्यकता होने पर उपलब्ध राहत एवं बचाव सेवाओं का सहयोग लें।

जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने हेतु सभी संबंधित विभागों के माध्यम से लगातार कार्य किया जा रहा है। वहीं जहां-जहां पानी उतर चुका है। वहां पर जिला प्रशासन के द्वारा बीमारी और संक्रमण से बचने के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है।

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