अविनाश श्रीवास्तव, ​सासाराम। रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के जोगिया गांव में बीते 5 अगस्त को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। भूमि विवाद या अन्य रंजिश के चलते एक किसान द्वारा मजदूर चंदेश्वर चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया था और जमकर बवाल हुआ था। अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है, और न्याय की मांग को लेकर राजनीतिक व सामाजिक संगठनों का आना-जाना शुरू हो गया है।

​भीम आर्मी का कड़ा रुख और पीड़ित परिवार से मुलाकात

​इसी कड़ी में भीम आर्मी के कार्यकर्ता भारी संख्या में मृतक चंदेश्वर चौधरी के पैतृक आवास पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें हरसंभव कानूनी व सामाजिक मदद दिलाने का भरोसा दिया। परिवार से मिलने के बाद भीम आर्मी के तेवर काफी सख्त नजर आए। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के सामने दो टूक शब्दों में कहा कि इस जघन्य हत्याकांड के दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

​मुख्य मांगें: स्पीडी ट्रायल और सुरक्षा

​भीम आर्मी के नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार से प्रमुख रूप से दो बड़ी मांगें रखी हैं:

  • ​स्पीडी ट्रायल : इस पूरे मामले की सुनवाई त्वरित अदालत यानी स्पीडी ट्रायल के माध्यम से की जाए, ताकि हत्यारे को जल्द से जल्द और कड़ी से कड़ी सजा (फांसी) मिल सके।
  • ​परिवार की सुरक्षा: पीड़ित परिवार इस समय भारी मानसिक दबाव और भय के साये में जी रहा है, इसलिए उन्हें तत्काल प्रभाव से पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

साक्ष्य मिटाने की कोशिश और जातिवादी गोलबंदी का आरोप
​घटना के संबंध में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि चंदेश्वर चौधरी की केवल हत्या ही नहीं की गई, बल्कि उनके शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने की नीयत से उसे नहर में फेंक दिया गया था।
​कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद कुछ असामाजिक तत्व हत्यारे के समर्थन में जातिवादी गोलबंदी करने में जुट गए हैं। इन लोगों का मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार को डराना-धमकाना और मामले को दबाना है। कार्यकर्ताओं ने अंदेशा जताया कि कुछ प्रतिबंधित संगठन एक बार फिर से सक्रिय होकर सामंतवादी मानसिकता को बढ़ावा देने की फिराक में हैं।

​न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष

​भीम आर्मी ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। संगठन ने स्पष्ट किया कि चंदेश्वर चौधरी और उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए उनका संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक और आगे भी लगातार जारी रहेगा। इस घटना के बाद से जोगिया गांव और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे।