अविनाश श्रीवास्तव/​सासाराम। रोहतास जिले के संझौली थाना क्षेत्र के खैरा भुतहा गांव से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां भूमि विवाद के चलते एक किसान की निर्मम हत्या कर दी गई है। मृतक की पहचान खैरा भुतहा गांव निवासी महेंद्र नट के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से ही इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

​हत्या या कुदरती मौत? पुलिस ने सुलझाई पहेली

​घटना की शुरुआत में गांव में यह अफवाह फैली कि महेंद्र नट की मौत रात में आकाशीय बिजली (ठनका) गिरने से हुई है। लेकिन जब मौके पर पुलिस पहुंची और शव की प्राथमिक जांच की तो स्थिति बिल्कुल अलग नजर आई। पुलिस के अनुसार मृतक के शरीर पर वज्रपात से झुलसने या चोट का कोई भी सामान्य निशान नहीं मिला जिससे यह स्पष्ट हो गया कि मौत बिजली गिरने से नहीं बल्कि किसी अन्य कारण से हुई है। शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इसे हत्या का मामला मानते हुए जांच के दायरे को बढ़ा दिया है।

​परिजनों का आरोप: जमीन विवाद बनी जान की दुश्मन

​मृतक किसान की पुत्री खुशबू कुमारी ने पुलिस को दिए बयान में गंभीर आरोप लगाए हैं। खुशबू का कहना है कि उनके पिता का लंबे समय से पड़ोस के रहने वाले प्रमोद यादव और कुछ अन्य ग्रामीणों के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। बेटी ने दावा किया कि इस विवाद के संबंध में पहले भी झगड़े हो चुके थे जिसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को भी दी गई थी। परिजनों का स्पष्ट मानना है कि इसी रंजिश के कारण
उनके पिता की हत्या की गई है।

​पुलिस प्रशासन की कार्रवाई

​सूचना मिलते ही बिक्रमगंज के एसडीपीओ सिंधु शेखर सिंह दलबल के साथ खैरा भुतहा गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और परिजनों से विस्तृत पूछताछ की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सासाराम के सदर अस्पताल भेज दिया है।
​एसडीपीओ ने आश्वासन दिया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो जाएगा। फिलहाल पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में जुट गई है और जल्द ही गिरफ्तारी का दावा कर रही है। यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।