अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। सावन के पवित्र महीने में झूला झूलना एक 13 वर्षीय मासूम बच्ची के लिए प्राणघातक साबित हुआ। खेल-खेल में हुए एक छोटे से हादसे ने हंसती-खेलती बच्ची की जिंदगी हमेशा के लिए छीन ली। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पेड़ के सहारे झूला झूल रही थी सोनिया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना डालमियानगर थाना क्षेत्र के प्रयाग बिगहा मोहल्ले की है। यहां रहने वाले राजू गुप्ता की 13 वर्षीय पुत्री सोनिया कुमारी घर के पास ही एक पेड़ की डाल से रस्सी बांधकर झूला झूल रही थी। सावन का महीना होने के कारण आसपास के बच्चे भी उमंग में थे और सोनिया भी इस दौरान झूला झूलने का आनंद ले रही थी। लेकिन किसे पता था कि यह आनंद कुछ ही पलों में एक बड़े वज्रपात में बदल जाएगा।
गले में फंसी रस्सी, फंदे की तरह झूल गई बच्ची
झूला झूलने के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ गया या किसी अन्य कारण से झूले में बंधी रस्सी सीधे सोनिया के गले में जा फंसी। रस्सी गले में कसने के कारण वह चाहकर भी खुद को बचा नहीं पाई और देखते ही देखते वह फंदे की तरह झूले से लटक गई। जब तक परिवार के लोग या आसपास के लोग कुछ समझ पाते और उसे बचाने के लिए दौड़ते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दम घुटने के कारण मौके पर ही सोनिया की दर्दनाक मौत हो गई।
चौथी कक्षा में पढ़ती थी मासूम सोनिया
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली सोनिया कुमारी अभी महज 13 वर्ष की थी और वह स्थानीय स्कूल में चौथी कक्षा की छात्रा थी। उसकी इस अचानक और असमय मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया है। माता-पिता और भाई-बहनों की चीख-पुकार से पूरा घर गमगीन हो गया है। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्ची की किलकारी गूंज रही थी, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और रोने की आवाजें ही सुनाई दे रही हैं। स्थानीय लोग भी इस अकल्पनीय हादसे से गहरे सदमे में हैं।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर भेजा पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलते ही डालमियानगर थाने की पुलिस तुरंत हरकत में आई और बिना देरी किए मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति का जायजा लेते हुए सोनिया के शव को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए सासाराम के सदर अस्पताल ले आई। फिलहाल अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसके बाद इसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस इस पूरे मामले की अन्य पहलुओं से भी जांच कर रही है। यह घटना हर अभिभावक के लिए एक बड़ा सबक है कि बच्चों को अकेले में झूला या इस तरह के खेल खेलने के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।


