कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत या सूचना देने के लिए अब हरियाणा के लोगों को हेल्पलाइन नंबर याद रखने या संबंधित कार्यालय तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को हरियाणा सचिवालय से ‘सतर्क-हरियाणा’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिक सीधे राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) तक भ्रष्टाचार से जुड़ी जानकारी पहुंचा सकेंगे।

ऐप को इस तरह तैयार किया गया है कि शिकायत या सूचना देने की प्रक्रिया मोबाइल फोन पर ही आसान हो जाए। इसमें एक टच के जरिए एसवी एंड एसीबी की हेल्पलाइन से संपर्क करने का विकल्प दिया गया है। यानी जरूरत के समय नागरिकों को अलग से हेल्पलाइन नंबर खोजने या याद रखने की परेशानी नहीं होगी।

इस ऐप की एक अहम सुविधा उन लोगों के लिए भी है, जिनके पास भ्रष्टाचार से संबंधित कोई वीडियो, ऑडियो, फोटो या अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद है, लेकिन वे फिलहाल किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहते। ऐसे लोग भी अपनी जानकारी ऐप के माध्यम से विभाग तक पहुंचा सकेंगे। सरकार के अनुसार, ऐसी सूचनाओं को गोपनीय रखा जाएगा और उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिसका नियमानुसार आगे विश्लेषण किया जा सकेगा।

दूसरे जिले में भी आसानी से पहुंच सकेंगे एसीबी अधिकारियों तक

‘सतर्क-हरियाणा’ में प्रदेश के सभी 23 जिलों को जोड़ा गया है। अगर कोई व्यक्ति अपने जिले से बाहर है और वहां भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत करना चाहता है, तो ऐप में संबंधित जिले का चयन करके स्थानीय एसवी एंड एसीबी अधिकारी की जानकारी हासिल कर सकता है। इसमें अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर उपलब्ध होगा। इसके अलावा कार्यालय की लोकेशन गूगल मैप के जरिए देखने और वहां पहुंचने का रास्ता जानने की सुविधा भी दी गई है।

अगर शिकायत एसवी एंड एसीबी के ही किसी अधिकारी या कर्मचारी के व्यवहार से संबंधित हो, तो उसके लिए भी ऐप में अलग व्यवस्था की गई है। ऐसी स्थिति में नागरिक संबंधित वरिष्ठ अधिकारी तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। ऐप के जरिए पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी का नाम, मोबाइल नंबर और कार्यालय की लोकेशन भी देखी जा सकेगी।

एफआईआर की कॉपी डाउनलोड करने की सुविधा

ऐप में केवल शिकायत दर्ज कराने की सुविधा ही नहीं है, बल्कि नियमानुसार उपलब्ध कराई गई एफआईआर की कॉपी डाउनलोड करने का विकल्प भी दिया गया है। ‘सतर्क-हरियाणा’ फिलहाल गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। सरकार के मुताबिक, इसके इस्तेमाल और परिणामों को देखने के बाद इसे एप्पल के प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराया जाएगा।

गलत सूचना डालने वालों को भी चेतावनी

एसवी एंड एसीबी प्रमुख डॉ. अरशिन्दर सिंह चावला ने लोगों से अपील की कि ऐप पर केवल तथ्यात्मक और वास्तविक जानकारी ही साझा करें। उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी या कर्मचारी को बदनाम करने के उद्देश्य से बिना आधार के शिकायत या भ्रामक सामग्री अपलोड करने से बचना चाहिए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जानबूझकर तैयार की गई फर्जी सामग्री को वास्तविक सूचना बताकर अपलोड करने पर नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए तैयार की गई फर्जी सामग्री भी शामिल है।

सरकार का कहना है कि ‘सतर्क-हरियाणा’ के जरिए नागरिकों और एसवी एंड एसीबी के बीच सूचना साझा करने की प्रक्रिया को डिजिटल और अधिक सुविधाजनक बनाया गया है। ऐप लॉन्च के दौरान मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव यशपाल यादव समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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