अनमोल मिश्रा, सतना। मध्य प्रदेश के चित्रकूट में 10 घंटे के धरने के बाद भी आदिवासी किसान का ट्रैक्टर नहीं छूटा। मझगवां रेज ऑफिस में बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार सैकड़ों ग्रामीणों के साथ डटे रहे। रात 12 बजे कलेक्टर-एसपी मौके पर पहुंचे। मुख्यमंत्री से विधायक की फोन पर बातचीत हुई। कलेक्टर ने जांच का भरोसा दिलाया, तब जाकर विधायक का धरना खत्म हुआ।

चित्रकूट में आदिवासी किसान का ट्रैक्टर जब्त किए जाने के विरोध में बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार का करीब 10 घंटे चला धरना रात 12 बजे खत्म हुआ। विधायक दोपहर करीब 2 बजे मझगवां स्थित वन विभाग के रेंज ऑफिस पहुंचे थे। बड़ी संख्या में आदिवासी ग्रामीण भी धरने पर बैठ गए। विधायक ट्रैक्टर छोड़ने की मांग पर अड़े रहे तो वन विभाग ने वन भूमि पर जुताई के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की बात कही।

ये भी पढ़ें: RE-2 सड़क मार्ग से हटेगी बाधाः 300 से अधिक मकानों और निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू, 3 साल से अटकी कनेक्टिविटी होगी पूरी

इस धरने की गूंज मुख्यमंत्री निवास भोपाल तक पहुंची। इसके बाद सीएम डॉ मोहन यादव से विधायक सुरेंद्र सिंह की फोन पर बातचीत हुई। रात करीब 12 बजे कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार और एसपी हंसराज सिंह मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद विधायक ने धरना समाप्त किया। हालांकि, ट्रैक्टर मौके पर नहीं छोड़ा गया।

विधायक बोले- आदिवासियों को परेशान किया जा रहा

विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने वन विभाग के अधिकारियों से ट्रैक्टर तत्काल छोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि या तो ट्रैक्टर छोड़ो, नहीं तो आज रात यहीं कटेगी। विधायक ने आरोप लगाया कि वन विभाग आदिवासी ग्रामीणों को परेशान कर रहा है। उन्होंने ग्रामीण का पक्ष सुनकर कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की। विधायक ने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि सिर्फ गरीबों को परेशान करने के लिए ट्रैक्टर पकड़ लिया। चित्रकूट एसडीओ अभिषेक तिवारी ने कहा कि नियम विरुद्ध रात को ट्रैक्टर चल रहा था। इस पर विधायक ने कहा किसान ट्रैक्टर रात और दिन चलाता है ऐसा कोई नियम नहीं, कि रात को ट्रैक्टर नहीं चल सकता।

वन विभाग ने कहा- वन भूमि पर जुताई में जब्ती

चित्रकूट एसडीओ अभिषेक और मझगवां रेंजर रंजन सिंह परिहार के मुताबिक, कररिया बीट के चुनहाहार क्षेत्र में वन भूमि पर जुताई की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर कक्ष क्रमांक पी-830 में कार्रवाई की। भूमि से जुड़े दस्तावेज नहीं मिलने पर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया और जुताई में इस्तेमाल बिना नंबर के ट्रैक्टर को जब्त किया गया।

अब जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

वन विभाग का कहना है कि मामला भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत दर्ज है और जब्त ट्रैक्टर को नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना छोड़ा नहीं जा सकता। वहीं विधायक और ग्रामीण कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कलेक्टर के जांच के आश्वासन के बाद अब पूरे मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m