अनमोल मिश्रा, सतना। एमपी के सतना में ब्रांडेड विदेशी शराब की खाली बोतलों में संदिग्ध तरल भरकर ग्राहकों तक पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। आबकारी विभाग ने मुखबिर की सूचना पर डिकॉय ऑपरेशन चलाकर पहले एक डिलीवरी एजेंट को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर देर रात घूरडांग निवासी जितेंद्र कुमार साह उर्फ रवि के घर दबिश देकर उसे भी गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
आबकारी विभाग के अनुसार, जब्त बोतल पर ‘मंकी शोल्डर’ ब्रांड का लेबल लगा था, जबकि उसके अंदर मौजूद तरल संदिग्ध पाया गया। प्रारंभिक जांच में तरल में सूक्ष्म कण और तेलीय तत्व दिखाई देने की बात सामने आई है। हालांकि बोतल में वास्तव में कौन सा पदार्थ था और वह मानव सेवन के योग्य है या नहीं, इसकी पुष्टि एफएसएल जांच के बाद ही होगी। विभाग ने नमूना वैज्ञानिक परीक्षण के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मोबाइल पर ऑर्डर, एजेंट के जरिए डिलीवरी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित नेटवर्क मोबाइल फोन के जरिए संचालित किया जा रहा था। ग्राहकों से मोबाइल पर संपर्क कर शराब के ऑर्डर लिए जाते थे और इसके बाद डिलीवरी एजेंट के माध्यम से बोतलें पहुंचाई जाती थीं। बताया जा रहा है कि एक बार में सीमित संख्या में बोतलों की डिलीवरी की जाती थी, ताकि बड़ी मात्रा में शराब के साथ पकड़े जाने का जोखिम कम रहे। अब आबकारी विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हैं और कथित तौर पर अब तक कितने ग्राहकों तक ऐसी बोतलें पहुंचाई जा चुकी हैं।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया जाल
आबकारी विभाग को इस गतिविधि की सूचना मुखबिर से मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद आबकारी वृत्त सतना क्रमांक-1 की टीम ने ग्राहक बनकर शराब खरीदने की योजना तैयार की। 14 सितंबर की रात सिमरिया चौक स्थित हैदराबादी बिरयानी सेंटर के पास डिलीवरी के लिए एजेंट को बुलाया गया। तय स्थान पर सुनील कुशवाहा पहुंचा और कथित तौर पर ‘मंकी शोल्डर’ की बोतल डिलीवर करने लगा। इसी दौरान सादे कपड़ों में मौजूद आबकारी उप निरीक्षक संजय साकेत और टीम ने उसे पकड़ लिया।
बोतल खुली तो अंदर मिला संदिग्ध तरल
डिलीवरी एजेंट के कब्जे से बरामद बोतल को जब्त कर आबकारी टीम ने जांच की। विभाग के मुताबिक बोतल पर ब्रांडेड शराब का लेबल था, लेकिन उसके अंदर मौजूद तरल सामान्य ब्रांडेड शराब से अलग और संदिग्ध दिखाई दिया। प्रारंभिक स्तर पर तरल में सूक्ष्म कण और तेलीय तत्व दिखाई देने की बात सामने आई है। हालांकि इसमें कौन सा पदार्थ मिलाया गया था और इसके सेवन से स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ सकता है, यह एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
निशानदेही पर कथित मास्टरमाइंड के घर दबिश
डिलीवरी एजेंट की गिरफ्तारी के बाद आबकारी टीम ने उसकी निशानदेही पर घूरडांग निवासी जितेंद्र कुमार साह उर्फ रवि के घर देर रात दबिश दी। विभाग के अनुसार, कार्रवाई की भनक लगने पर आरोपी ने मोबाइल फोन सहित कुछ सामग्री हटाने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, शराब की सप्लाई के स्रोत और ग्राहकों तक पहुंचाई गई बोतलों की संख्या का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
आबकारी विभाग ने मामले में अपराध क्रमांक 374/26 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) एवं 49(क) के तहत कार्रवाई की गई है। दोनों आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इन अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
कार्रवाई कलेक्टर सतीश कुमार एस, आबकारी उपायुक्त संभागीय उड़नदस्ता रीवा माधव सिंह भेड़िया तथा सहायक आबकारी आयुक्त सतना सुरेंद्र कुमार उरांव के निर्देशन में की गई। कार्रवाई आबकारी उप निरीक्षक आशीष बारिया के नेतृत्व में उप निरीक्षक निलेश गुप्ता और संजय साकेत, मुख्य आरक्षक राजकरण त्रिपाठी, मंगलदीन कोल, शंकर दयाल प्रजापति, आरक्षक आशुतोष तिवारी, अमृता उरमलिया सहित अन्य स्टाफ की टीम ने की। अब एफएसएल रिपोर्ट और आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि जब्त बोतल में किस प्रकार का तरल था, उसे कहां तैयार किया जा रहा था और कथित नेटवर्क के जरिए ऐसी कितनी बोतलें ग्राहकों तक पहुंचाई गईं।
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